24 मार्च । बिहार के मोकामा क्षेत्र से विधायक अनंत सिंह सोमवार की शाम जेल से रिहा हुए हैं। इस रिहाई के बाद बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने खुद को निर्दोष बताते हुए दुलारचंद यादव हत्या में फंसाने की बात कही। उन्होंने मंगलवार को चुनाव नहीं लड़ने की बात को भी दोहराई।
विधायक अनंत सिंह मंगलवार को बड़हिया के लिए रवाना हुए। उनके साथ वाहनों का काफिला है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि घटना के समय वे मौके से करीब चार किलोमीटर दूर थे। उन्होंने साफ कहा कि हम निर्दोष हैं, हमें साजिश के तहत इस मामले में फंसाया गया है।
पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान दुलारचंद यादव की हत्या हो गई थी, जिसमें अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया था। पटना उच्च न्यायालय से जमानत मिलने के बाद करीब चार महीने बाद वे जेल से रिहा हुए हैं। जेल से रिहा होने के बाद उनके समर्थकों में गजब का उत्साह है। मंगलवार को मीडिया से बातचीत में अनंत सिंह ने एक बार फिर चुनाव नहीं लड़ने की बात कही है।
पत्रकारों ने जब उनसे पूछा कि क्या उनका बेटा चुनाव लड़ेगा, तो जवाब में उन्होंने कहा, “वह जनता के बीच जाएगा। जनता का काम करेगा, तो वह चुनाव लड़ेगा।” कार्यकर्ताओं में उत्साह को लेकर उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं में उत्साह तो रहेगा ही। इससे पहले राज्यसभा चुनाव के लिए भी जब अनंत सिंह जेल से विधानसभा मतदान करने पहुंचे थे, तभी उन्होंने ऐलान किया था कि अब वे आगे कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा, “यह मेरा आखिरी कार्यकाल है। अब मेरे बच्चे राजनीति में आगे बढ़ेंगे।”
उन्होंने कहा था कि नीतीश कुमार नहीं रहेंगे, तो वे चुनाव नहीं लड़ेंगे। बिहार की राजनीति में अब चर्चा है कि अनंत सिंह के बेटे कब राजनीति में आते हैं। वैसे विधायक अनंत सिंह के चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा के बाद मोकामा में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है।

