January 17, 2026
National

बिहार के अस्पतालों में बढ़े सर्दी जुकाम के मरीज, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

Bihar hospitals see rise in number of cold and cough patients, health department on alert

बदलते मौसम के साथ बिहार के अस्पतालों में सर्दी, जुकाम और वायरल से संक्रमित मरीजों की भीड़ बढ़ती जा रही है। ऐसे में में स्वास्थ्य विभाग ने सर्दी-जुकाम से संबंधित बीमारियों से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। सिविल सर्जन डॉ. अविनाश कुमार सिंह ने बताया कि कुछ अस्पतालों को रेड अलर्ट मोड पर रखा गया है।

सिविल सर्जन डॉ. अविनाश कुमार सिंह ने आईएएनएस से खास बातचीत में अस्पतालों में मरीजों की सुविधा के लिए हो रही तैयारियों के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि मौसम के बदलते ही सर्दी, जुकाम, वायरल और सांस लेने में परेशानी के केस सबसे ज्यादा आ रहे हैं। हमने अस्पतालों में 30 से लेकर 60 कंबलों की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। साथ ही ये भी सुनिश्चित किया है कि मरीजों के लिए सभी हॉल और कमरों में गर्म हीटर लगाए जाएं।

गर्भवती महिलाओं के कमरों में खासकर जहां नवजात शिशु हैं, वहां सर्दी से बचने की अच्छी व्यवस्था की जाए।

सिविल सर्जन डॉ. अविनाश कुमार सिंह ने बताया कि सर्दी, खांसी और बुखार से जुड़ी बेसिक दवाएं मरीजों को फ्री में मुहैया करवाई जा रही है। मरीजों को इन दवाओं के लिए एक रुपया देने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा अस्पताल में 10 बेड सिर्फ सर्दी के मरीजों के लिए आरक्षित रखे गए हैं, क्योंकि सर्दी में लकवे और हार्ट अटैक जैसे केस आ रहे हैं। ऐसे मरीजों के लिए अस्पतालों को रेड अलर्ट मोड पर रखा गया है।

सर्दी के मौसम में 5 साल से कम उम्र के बच्चों और मधुमेह, बीपी और श्वास संबंधी बीमारियों से जूझ रहे रोगियों को विशेष चेतावनी बरतने की सलाह दी गई है। अविनाश कुमार सिंह ने कहा है कि सर्दियों में 5 साल से कम उम्र के बच्चों में कोल्ड डायरिया होने का खतरा बढ़ जाता है और इससे जुड़े केस ज्यादा आते हैं। वहीं बुजुर्गों में श्वास संबंधी परेशानियां ज्यादा देखी जा रही हैं। बढ़ता प्रदूषण और कोहरे की वजह से फेफड़ों की काम करने की क्षमता प्रभावित होती है।

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