7 फरवरी । बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को शुक्रवार की देर रात पटना के मंदिरी स्थित आवास से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पप्पू यादव शुक्रवार की शाम पटना पहुंचे थे।
पुलिस के मुताबिक, उन्हें 1995 के एक मामले में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला गर्दनीबाग थाना से जुड़ा है, जो पहले पुरानी भारतीय दंड संहिता के तहत दर्ज था और अब भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत चल रहा है। इस मामले में सांसद पर आपराधिक मामले की धारा 419, 420, 468, 448, 506 और 120बी का आरोप है।
बताया जा रहा है कि अदालत में सुनवाई जारी थी, लेकिन सांसद की लगातार गैरहाजिरी चल रही थी। पटना के सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह ने कहा, “सांसद को चिकित्सा जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया है, जिसके बाद उन्हें पुलिस स्टेशन ले जाया जाएगा।”
सांसद पप्पू यादव ने कहा कि यह कार्रवाई राजनीतिक रूप से प्रेरित है और इसका संबंध नीट की छात्रा की मौत के लिए उनकी लड़ाई का प्रतिफल है। सांसद पप्पू यादव ने सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर लिखा, “बहुत शानदार बिहार पुलिस। हम नीट छात्रा न्याय की लड़ाई लड़े, बिहार पुलिस के पेट में दर्द हो गया। हमें गिरफ्तार करने पटना आवास पहुंच गई, लेकिन इससे पप्पू यादव न झुकेगा न चुप होगा। बेईमानों की कारगुजारियों को बेनकाब करके रहेंगे। जेल भेजो या फांसी दो, पप्पू रुकेगा नहीं।”
बताया जा रहा है कि मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस कार्रवाई को लेकर बिहार का राजनीतिक तापमान चढ़ गया है। उनके समर्थक इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बता रहे हैं।
बता दें कि पटना के एक छात्रावास में एक छात्रा की मौत को लेकर पप्पू यादव लगातार पुलिस प्रशासन और सरकार पर सवाल उठा रहे थे। संसद के बाहर भी उन्होंने प्रदर्शन किया था। उनके समर्थकों का कहना है कि वे लगातार प्रशासन के सामने थे, तो फिर आधी रात की गिरफ्तारी का क्या मतलब?

