N1Live National भाजपा सरकार ने ईबीसी और ओबीसी को सबसे ज्यादा अधिकारों से रखा वंचित: पप्पू यादव
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भाजपा सरकार ने ईबीसी और ओबीसी को सबसे ज्यादा अधिकारों से रखा वंचित: पप्पू यादव

BJP government has deprived EBCs and OBCs of their rights the most: Pappu Yadav

बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद ने आप नेता सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी, झारखंड में 44 परीक्षाएं रद्द और राहुल गांधी के ओबीसी वाले बयान पर प्रतिक्रियाएं दीं। सांसद ने आरोप लगाया कि भाजपा की सरकार में आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) और ओबीसी को सबसे ज्यादा अधिकारों से वंचित रखा गया है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हाल ही में बयान दिया है कि ओबीसी समाज भी अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतर गया तो सरकार को झुकना पड़ेगा। इस पर पूर्णिया के सांसद ने कहा, “इस सरकार के कार्यकाल में न तो ऊंची जातियों, न ही आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग (ईबीसी), न ही एसटी और न ही ओबीसी को सुरक्षा मिली है। इस सरकार ने ईबीसी और ओबीसी को सबसे ज़्यादा अधिकारों से वंचित रखा है। किसी भी पहलू को देखें, चाहे वह ओबीसी और ईबीसी के लिए पिछली सरकारों द्वारा बनाए गए कानून हों, या जातिगत जनगणना और सत्ता में भागीदारी जैसे मुद्दे हों – ये वही मुद्दे हैं, जिन पर आज ओबीसी सवाल उठा रहे हैं।”

दिल्ली जल बोर्ड में गड़बड़ी के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) द्वारा दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “इस देश में कोई संस्था विश्वसनीय बची नहीं, सभी का राजनीतिककरण हो गया है। सत्येंद्र जैन पहले भी जेल जा चुके हैं। बार-बार किसी को गिरफ्तार करने की प्रक्रिया अपनाना या राजनीतिक मकसद के लिए इसका इस्तेमाल करना सवालिया निशान खड़ा करता है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि भ्रष्टाचार की जड़ पर ध्यान नहीं दिया गया है। भाजपा पूरी तरह से दागदार हो चुकी है और भ्रष्टाचार में बुरी तरह डूबी हुई है। 90 से 92 फीसदी भाजपा के नेता और पदाधिकारी अकूत पैसा लूट रहे हैं। ऐसे लोगों की ईडी क्यों नहीं जांच करती? विपक्ष पर ईडी का हमला क्यों होता है?

झारखंड में 44 परीक्षाएं रद्द होने पर पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने कहा, “मैंने कल भी यह बात कही थी और आज भी कह रहा हूं। बातचीत ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है। किसी भी सरकार को अपने लोगों को ध्यान में रखकर ही कानून और नियम बनाने चाहिए। जब ​​बात देश के बच्चों की हो, जो देश का भविष्य हैं, जो कल सरकार चलाएंगे और राष्ट्र-निर्माण में भूमिका निभाएंगे, तो उन पर लाठीचार्ज, फायरिंग या उत्पीड़न नहीं किया जा सकता। छात्रों से सिर्फ वार्ता कर ही समाधान निकाला जा सकता है।”

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