लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणियों को लेकर कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरदार पटेल के नाम और उनकी विरासत का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है, जबकि उनके विचारों, सिद्धांतों और आदर्शों को नजरअंदाज किया जा रहा है। वहीं, उत्तर प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने को लेकर अमित शाह के बयान पर समाजवादी पार्टी ने भी प्रतिक्रिया दी है।
कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि सरदार पटेल की जयंती पर उनका संगठन ‘सरदार स्मृति ट्रस्ट’ एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। उन्होंने अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि गृह मंत्री ने सरदार पटेल की याद में कार्यक्रम तो आयोजित किए हैं, लेकिन उनके सिद्धांतों, शिक्षाओं, आदर्शों और दर्शन को हमेशा के लिए मिटाने का काम किया है। सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि महात्मा गांधी और सरदार पटेल के प्रति भाजपा नेताओं के मन में नफरत है, जिसे पूरा देश जानता है।
वहीं, दिल्ली में कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल को देश के अन्य महान नेताओं की तरह ही सम्मान मिलना चाहिए। कांग्रेस उनके योगदान को पूरी तरह स्वीकार करती है और उनके विचारों, शब्दों तथा कार्यों के प्रति समर्पित है। उन्होंने कहा कि अमित शाह की इस तरह की टिप्पणियां सरदार पटेल की छवि और उनके प्रति लोगों के सम्मान को नुकसान पहुंचाती हैं। खुर्शीद ने यह भी कहा कि यह समझ से परे है कि गृह मंत्री इस तरह के बयान क्यों देते हैं।
कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने भी भाजपा पर राजनीतिक लाभ के लिए सरदार पटेल के नाम का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद और स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान देने वाले सभी नेताओं का सम्मान करती है। भाजपा सरदार पटेल पर ध्यान केंद्रित करके राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रही है।
दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने को लेकर अमित शाह के बयान पर समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे अमित शाह का दिवास्वप्न करार देते हुए कहा कि आगामी चुनाव में उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने की कोई संभावना नहीं है। अवधेश प्रसाद ने दावा किया कि भाजपा जनता का भरोसा और विश्वास पूरी तरह खो चुकी है।

