समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन ने इंडिया गठबंधन की रैली को लेकर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की टिप्पणी पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि रैली में भारी भीड़ मौजूद थी और मैदान में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। हसन ने आरोप लगाया कि रैली के बाद जनता का रुख देखकर सत्तारूढ़ दल इस तरह की बातें कर रहे हैं।
एसटी हसन ने कहा कि केशव प्रसाद मौर्य रैली को फ्लॉप बताएंगे ही। रैली में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे और पूरे मैदान में लोगों की भीड़ दिखाई दे रही थी। विपक्ष की ओर से जनता तक एक संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया था और उसका मकसद पूरा हो गया। रैली के बाद सत्तारूढ़ दल को महसूस हो रहा है कि जनता उसे नकार रही है, इसलिए इस तरह की टिप्पणियां की जा रही हैं।
अखिलेश यादव के उस आरोप पर भी एसटी हसन ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें मतदाता सूची से एक करोड़ हिंदू मतदाताओं के नाम हटाए जाने की बात कही गई थी। हसन ने कहा कि अखिलेश यादव जो भी बात कहते हैं, वह सोच-समझकर और तथ्यों के आधार पर कहते हैं। मतदाता सूची से केवल हिंदुओं के ही नहीं, बल्कि मुसलमानों, विपक्षी दलों और पीडीए से जुड़े लोगों के नाम भी काटे गए हैं। इस मुद्दे को लेकर आंदोलन हो रहा है। चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यदि पहले से ही तय हो जाए कि कौन जीतेगा और कौन हारेगा, तो ऐसे चुनाव कराने का क्या फायदा है। मतदाता सूची में नाम काटे जाने का मुद्दा लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर सवाल है।
उत्तर प्रदेश के मुसलमानों की तुलना फिलिस्तीनियों से किए जाने पर एसटी हसन ने मौलाना जरजिस की आलोचना की। उन्होंने इस तुलना को गलत बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में हिंदू और मुसलमान आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ रहते हैं। कई बार दोनों समुदायों के बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर लोग एक-दूसरे के साथ खड़े होते हैं। यदि किसी मुसलमान पर मुसीबत आती है तो हिंदू भाई उसकी मदद के लिए आगे आते हैं और किसी हिंदू पर संकट आने पर मुसलमान भी उसका साथ देते हैं। प्रदेश में दोनों समुदायों के बीच यह आपसी संबंध बना रहेगा। यहां फिलिस्तीन जैसे हालात बनने की कल्पना करना भी गलत है।
भगवान राम के जन्मस्थान को लेकर पहले दिए गए बयानों पर सफाई देते हुए एसटी हसन ने कहा कि भगवान राम का जन्म भारत में हुआ था। हिंदू और मुसलमान दोनों उनका सम्मान करते हैं। अयोध्या विवाद का निपटारा सुप्रीम कोर्ट ने किया था। अदालत के फैसले के अनुसार विवादित स्थल पर मंदिर निर्माण और मस्जिद के लिए दूसरी जगह जमीन देने का निर्णय हुआ था। इसके साथ ही हसन ने राम मंदिर में कथित चोरी और इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने इस संबंध में अपनी चिंता जाहिर की।

