N1Live Punjab भगवंत मान सरकार की ओर से गांव सतौज से बिजली की तारों को अंडरग्राउंड करने के प्रोजेक्ट की शुरुआत, गांवों को खंभों से मुक्त करने से पंजाब के किसानों को बड़ी राहत मिलेगी
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भगवंत मान सरकार की ओर से गांव सतौज से बिजली की तारों को अंडरग्राउंड करने के प्रोजेक्ट की शुरुआत, गांवों को खंभों से मुक्त करने से पंजाब के किसानों को बड़ी राहत मिलेगी

By Bhagwant Maan Sarkar, the project to underground the electricity wires from village Satauj, freeing the villages from the poles will give great relief to the farmers of Punjab.

अनिल भारद्वाज

चंडीगढ़ 19 मई |मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब को देश का पहला खंभा-मुक्त गांवों वाला राज्य बनाने के लिए आज अपने पैतृक गांव सतौज में बिजली की तारों को अंडरग्राउंड (जमीनदोज) करने के प्रोजेक्ट का शिलान्यास करके अपनी तरह की अनूठी और ऐतिहासिक पहल की शुरुआत की।

किसानों और गांवों के लोगों को बड़ी राहत देते हुए भगवंत मान सरकार ने फसलों में आग लगने की घटनाओं और जानलेवा हादसों को रोकने तथा ऊपर से गुजरने वाली तारों (ओवरहेड लाइनों) के कारण बार-बार होने वाले बिजली कटौती को खत्म करने के लिए बिजली की तारों को जमीनदोज करना शुरू कर दिया है, जिससे गांवों को खतरनाक खंभों और उलझी हुई तारों के जाल से मुक्ति मिलेगी।

इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत सतौज में 384 बिजली के खंभे हटा दिए जाएंगे और सड़कों को खोदे बिना जमीनदोज केबलें बिछाई जाएंगी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस प्रोजेक्ट को आधुनिक बुनियादी ढांचे, निर्विघ्न बिजली सप्लाई और सुरक्षित गांवों पर आधारित “रोशन पंजाब” की शुरुआत बताया।

‘सतौज मॉडल’ को पूरे देश के लिए मिसाल बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने पंजाब के किसानों से गांवों को तार-मुक्त करने का अपना वादा पूरा किया है। उन्होंने कहा कि जमीनदोज बिजली सप्लाई से गांवों में बिजली के खंभे लगाने को लेकर होने वाली सियासत भी खत्म हो जाएगी।

इस मौके पर सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज पंजाब के गांवों के लिए ऐतिहासिक दिन है क्योंकि गांवों को बिजली की तारों के जाल और अनावश्यक खंभों से मुक्त करने का व्यापक प्रोजेक्ट यहीं से शुरू किया जा रहा है। इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत सतौज में बिजली की ऊपर से गुजरने वाली तारों को करीब 8 करोड़ रुपए की लागत से जमीनदोज किया जाएगा। यह देश का पहला ऐसा प्रोजेक्ट है और इस पहल से पंजाब पूरे देश के लिए मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में उभरेगा।”

प्रोजेक्ट के तकनीकी विवरण के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया, “इस प्रोजेक्ट के तहत 7 किलोमीटर हाई टेंशन (एच.टी.) लाइनें, 9.5 किलोमीटर लो टेंशन (एल.टी.) लाइनें और 800 उपभोक्ताओं के घरों को जोड़ने वाली 41 किलोमीटर सर्विस केबल जमीनदोज बिछाई जाएगी। सतौज के 66 के.वी. ग्रिड से गांव से जुड़े तीन 11 के.वी. फीडर और इससे जुड़े 28 ट्रांसफार्मरों की सारी हाई टेंशन लाइनें जमीनदोज हो जाएंगी। इसके बाद 28 ट्रांसफार्मरों से मीटर बॉक्सों तक की सारी लो टेंशन लाइनें भी जमीनदोज की जाएंगी।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “मीटर बॉक्सों को सारे घरों से जोड़ने वाली केबलों को भी जमीनदोज किया जाएगा, जिससे 384 अनावश्यक बिजली के खंभे हटा दिए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट की खासियत यह है कि जमीनदोज केबलें बिछाने के लिए सड़कें खोदने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि जमीनदोज पाइप डालने के लिए ट्रेंचलेस (बिना खुदाई) ड्रिलिंग मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा। ये पाइप जमीन से तीन फुट नीचे बिछाए जाएंगे, जो आम लोगों के लिए वरदान साबित होंगे।”

बिजली की ऊपरी तारों के खतरों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “बिजली के खंभों और ऊपरी तारों से पशुओं और लोगों खासकर बच्चों को करंट लगने का खतरा बना रहता है। ट्रैक्टर, कंबाइन और अन्य वाहनों के ऊपरी तारों से संपर्क में आने पर अक्सर हादसे होते हैं। इसी तरह फसलों में आग लगने की घटनाओं से किसानों को भारी नुकसान होता है। बारिश, तूफान और तेज हवाओं से खंभे और तारें टूट जाती हैं, जिससे बिजली सप्लाई प्रभावित होती है और पावर कॉर्पोरेशन को वित्तीय नुकसान होता है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि खंभों और तारों का जाल गांवों की सुंदरता को भी प्रभावित करता है।

इस प्रोजेक्ट को लोगों के लिए हर पहलू से फायदेमंद बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हाई टेंशन और लो टेंशन लाइनों के जमीनदोज होने से बिजली की लीकेज खत्म हो जाएगी, जिससे ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन का घाटा कम होगा। गांवों को निर्विघ्न बिजली सप्लाई मिलेगी, जमीनदोज तारों से हादसों में कमी आएगी, बिजली की तारों से फसलों में आग लगने की घटनाएं रुकेंगी और बारिश व तेज हवाएं अब बिजली सप्लाई में बाधा नहीं डाल सकेंगी। अनावश्यक खंभों और उलझी तारों को हटाने से गांवों की सुंदरता और बेहतर हो जाएगी।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस प्रोजेक्ट को पंजाब के इतिहास में मील का पत्थर माना जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, “यह प्रोजेक्ट मेरी जन्मभूमि से शुरू किया जा रहा है और आज का दिन पंजाब के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। इस गांव से पंजाब सरकार ने ऐसा प्रोजेक्ट शुरू किया है, जिसके बारे में देश के किसी अन्य राज्य ने अभी तक सोचा भी नहीं है। यह प्रोजेक्ट इसलिए संभव हो पाया क्योंकि आज मेरा सपना साकार हो रहा है। इस प्रोजेक्ट का सपना बहुत साल पहले देखा गया था।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “आज की यह पहल सीधे तौर पर आम लोगों की जिंदगी से जुड़ी हुई है। आने वाले दिनों में ये बिजली के खंभे इतिहास बन जाएंगे।”

अपने गांव की दुखद घटना को याद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान भावुक हो गए। उन्होंने कहा, “इस गांव के तीन नौजवानों की कंबाइन मशीन के साथ बिजली का करंट लगने से जान चली गई थी। वे अपने परिवारों के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। यह प्रोजेक्ट उन नौजवानों को श्रद्धांजलि है क्योंकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाएं कभी नहीं होनी चाहिए।”

इस पहल को देश के लिए बदलाव का मॉडल बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “गांवों और शहरों के लोगों को बड़ी राहत देने के लिए पूरे देश में ‘सतौज मॉडल’ जाना जाएगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया मंगल ग्रह पर कॉलोनियां बसाने की बातें कर रही है, जबकि हमारे लोग अभी भी गलियों-नालियों के मुद्दों में उलझे हुए थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने राज्य में डिजिटल क्रांति की शुरुआत की है। आर.टी.ओ. सेवाओं को डिजिटलाइज किया गया है और सरल भाषा में ‘ईजी रजिस्ट्री’ (ईजी रजिस्ट्री) प्रणाली लागू की गई है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “पहले रजिस्ट्री के दस्तावेज जटिल भाषा में तैयार किए जाते थे, जो आम लोगों की समझ में नहीं आते थे, जिस कारण उन्हें दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे। लेकिन अब लोग अपने जिले की किसी भी तहसील से अपनी रजिस्ट्री करवा सकते हैं।”

पंजाब सरकार के बेअदबी विरोधी कानून का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार ने बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाया है, जिसमें उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है, ताकि भविष्य में कोई भी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करने की हिम्मत न कर सके। अकाल पुरख ने मुझे ‘जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट-2026’ के माध्यम से मानवता की सेवा करने का मौका बख्शा है, जिसमें बेअदबी के लिए सख्त सजा का प्रावधान है।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “पिछली सरकारों के पास बेअदबी को रोकने के लिए कानून बनाने की न तो नियत थी और न ही इच्छाशक्ति, जिस कारण उनके शासनकाल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी आम बात बन गई थी। लेकिन पंजाब सरकार द्वारा पास किया गया यह एक्ट इसे पूरी तरह खत्म कर देगा क्योंकि कोई भी इस न अक्षम्य अपराध को करने की हिम्मत नहीं करेगा।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “पंजाब सरकार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता और सम्मान के लिए तथा बेअदबी की घटनाओं में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है। सरकार सिख मूल्यों और लोगों की भावनाओं के प्रति प्रतिबद्ध है। इस धरती ने वह दौर देखा है जिसने समूची सिख संगत के दिलों को अंदर तक झकझोर दिया था। पंजाब सरकार ने अब यह कानून बनाया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। केवल कुछ चुनिंदा लोग, जो खुद को ही पंथ समझते हैं, इसका विरोध कर रहे हैं क्योंकि उनके हाथ बेअदबी की घटनाओं से रंगे हुए हैं।”

पंजाब सरकार की स्वास्थ्य सुविधा पहलों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ शुरू की गई है, जिसके तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं। हर परिवार 10 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज का हकदार है। 30 लाख से ज्यादा लाभार्थियों को स्वास्थ्य कार्ड मिल चुके हैं, जबकि 1.65 लाख लोग इस योजना के तहत मुफ्त इलाज करवा चुके हैं। मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे इन कार्डों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “पंजाब सरकार ने ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ शुरू की है, जिसके तहत हर महिला को 1,000 रुपए प्रति माह और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपए प्रति माह सम्मान राशि दी जाएगी। सम्मान राशि सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी और सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाएं भी इसके योग्य होंगी। पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है, जिसके लिए पंजाब सरकार ने बजट में 9,300 करोड़ रुपए रखे हैं।”

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा और तरुणप्रीत सिंह सौंध सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

एक्स पर कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सपनों के ‘रोशन पंजाब’ बनाने की ओर एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए आज गांव सतौज में बिजली की तारों को जमीनदोज करने के अत्याधुनिक प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई है। यह पहल न केवल गांवों और शहरों की सुंदरता को निखारेगी, बल्कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को बिजली कटौती तथा तूफान और तेज हवाओं के दौरान होने वाले हादसों से भी पूरी सुरक्षा प्रदान करेगी।”

“इस प्रोजेक्ट के साथ घरों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और खेतों को निर्विघ्न और सुरक्षित बिजली सप्लाई मिलेगी, जिससे हर नागरिक के जीवन स्तर में सुधार होगा। यह पहल पंजाब को सही मायनों में ‘रंगला पंजाब’ बनाने की दूरदर्शी सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां हर स्तर पर पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता वाले काम को सुनिश्चित किया जा रहा है। ‘आप’ सरकार आपकी सेवा में और पंजाब की तरक्की के लिए पूरी लगन के साथ दिन-रात काम कर रही है।”

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