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कनाडाई लेखिका कार्सन को ‘बेबाक और नए प्रयोग’ के लिए मिला साहित्य का नोबेल पुरस्कार

Canadian writer Carson awarded Nobel Prize in Literature for 'unflinching and innovative' work.

 

नई दिल्ली, साहित्य नोबेल पुरस्कार 2026 का ऐलान गुरुवार को किया गया। स्वीडिश अकादमी ने इस साल ये सम्मान कनाडाई लेखिका ऐन कार्सन को दिया है।

 

समिति के अनुसार, उन्हें यह पुरस्कार उनके “बेबाक और नए प्रयोगों” के लिए मिला है। उन्होंने क्लासिकल परंपरा के साथ नए प्रयोग कर समकालीन साहित्य के लिए नए रूप गढ़े हैं।

अपने पूरे करियर के दौरान, ऐन कार्सन ने कविता लिखने के साथ-साथ अनुवाद का काम और अलग-अलग विश्वविद्यालयों में पढ़ाने का काम भी किया है। उनका लगभग सारा साहित्यिक काम शब्दों के प्रति एक भाषा-विशेषज्ञ के जुनून और नए अर्थों की तलाश करने वाले कवि के नजरिए के मेल पर केंद्रित रहा है। उन्होंने खुद माना है कि शब्दों की व्युत्पत्ति ही उनके सभी कामों की शुरुआती कड़ी रही है।

1950 में इनका जन्म टोरंटो में हुआ। 1981 में क्लासिक्स विषय में ‘ओडी एट अमो एर्गो सम’ नाम से डॉक्टरेट थीसिस प्रकाशित की।

नोबेल प्राइज के ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी जानकारी के मुताबिक, 1986 में प्रकाशित ‘इरोस द बिटरस्वीट’ को बेहतरीन लेखन पीस माना जाता है। इसमें उन्होंने प्राचीन ग्रीक साहित्य के जरिए प्रेम और इच्छा का मर्म समझाया। उनके मुताबिक, प्रेम में हर्ष और कष्ट दोनों शामिल हो सकते हैं।

कार्सन की खासियत अलग-अलग दौर के लेखकों को एक ही रचना में साथ मिलाकर रखना है। 1999 की ‘इकोनॉमी ऑफ द अनलॉस्ट’ में उन्होंने प्राचीन यूनानी कवि सिमोनाइड्स को आधुनिक कवि पॉल सेलान के साथ रखा।

2000 की ‘मेन इन द ऑफ आवर्स’ में उन्होंने प्राचीन इतिहासकार थ्यूसीडिडीज और आधुनिक लेखिका वर्जीनिया वूल्फ को जोड़ा। इस तरह उन्होंने पुराने और नए साहित्य के बीच नया पुल बनाने की कोशिश की।

नोबेल पुरस्कार विजेताओं को दिसंबर में स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में पुरस्कृत किया जाएगा। उन्हें मेडल, डिप्लोमा और पुरस्कार राशि दी जाएगी। पुरस्कार राशि 1.2 करोड़ स्वीडिश क्रोनर यानी करीब 11.5 करोड़ रुपए है।

इस पुरस्कार की खासियत की बात करें तो स्वीडिश अकादमी नोबेल के नामांकित लेखकों की लॉन्गलिस्ट या शॉर्टलिस्ट कभी जारी नहीं करती। नामांकन से जुड़ी जानकारी 50 साल तक छुपा कर रखी जाती। 2026 में किन लेखकों को नॉमिनेट किया गया है, इसकी पूरी जानकारी 2076 में जाहिर की जाएगी।

 

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