March 3, 2026
National

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने पर मोमो विक्रेता ने आत्महत्या की

Candle seller commits suicide after name removed from electoral roll in West Bengal

3 मार्च । पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के बाद मंगलवार को एक मोमो विक्रेता ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।

मृतक की पहचान जलपाईगुड़ी कस्बे के वार्ड नंबर 11 के निवासी गौरंग डे के रूप में हुई है। वह अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहते थे, और उनके परिवार में एक पत्नी और एक बेटा है।

परिवार का दावा है कि वह लगभग 40 वर्षों से मतदाता रहे हैं। हालांकि, उनका नाम 2002 की मतदाता सूची में नहीं था। एसआईआर प्रक्रिया के दौरान उन्हें सुनवाई के लिए बुलाया गया था।

उन्होंने अपने पास मौजूद सभी जानकारी और दस्तावेज भी जमा कर दिए थे। 27 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद पता चला कि गौरांग का नाम सूची से गायब था। उनके नाम के आगे ‘हटा दिया गया’ लिखा था।

परिवार और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के बाद से ही वे चिंतित थे।

गौरांग के किराए के मकान के मकान मालिक ने कहा कि नाम हटाए जाने के बाद से ही वे चिंतित थे। वे बार-बार पूछते रहते थे कि उनका क्या होगा। शव आज सुबह बरामद हुआ। अब इस परिवार का क्या होगा?

मृतक की पत्नी ने स्थानीय पत्रकारों को बताया कि उनके माता-पिता या दादा-दादी नहीं थे, इसलिए वे और कोई जानकारी नहीं दे सके। उनके पास जो अन्य कागजात थे, उन्हें एसआईआर की सुनवाई में प्रस्तुत किया गया था। लेकिन नाम सूची से हटा दिया गया। फिर आज यह घटना घटी।

खबर मिलते ही जलपाईगुड़ी नगरपालिका अध्यक्ष सैकत चटर्जी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि चुनाव में नाम छूट जाने के बाद गौरंग ने उनसे संपर्क किया था। उन्होंने ऑनलाइन फॉर्म नंबर 6 भरने में गौरंग की मदद की थी।

सैकत ने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है। एसआईआर लोगों की जान ले रहा है। यह लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर रहा है। चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना की जांच शुरू कर दी गई है।

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