जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मंगलवार को जम्मू जिले में सीमा पार से ड्रोन के जरिए सामान गिराने के एक संदिग्ध मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया और उनके पास से हेरोइन, अफीम और एक पिस्तौल बरामद की। पुलिस ने बताया कि इंटरनेशनल बॉर्डर के पार से ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थ गिराए जाने की घटना की जांच के दौरान अरनिया सेक्टर में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने कहा, “दोनों से पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि उन्हें ड्रोन से गिराई गई दो खेप मिली थीं। उनके पास से इटली में बनी बेरेटा पिस्तौल, दो मैगजीन, चार कारतूस, 500 ग्राम हेरोइन और 500 ग्राम अफीम बरामद की गई।” पुलिस ने बताया कि कानून की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आगे की जांच चल रही है।
पाकिस्तान से सीमा पार ड्रोन से सामान गिराना और हवाई घुसपैठ जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है क्योंकि आतंकवादी संगठन और तस्करी करने वाले गिरोह हथियार, विस्फोटक और नशीले पदार्थ पहुंचाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस साल जुलाई में इंटरनेशनल बॉर्डर और लाइन ऑफ कंट्रोल के पास संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने के बाद सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जम्मू डिवीजन के सांबा में नंदपुर और राजौरी के नौशेरा में तरकुंडी-साज में संयुक्त तलाशी अभियान चलाया।
1 मार्च को कई क्वाडकॉप्टर और एक पाकिस्तानी ड्रोन के दिगवार और पुंछ सेक्टर में एलओसी पार करने और फिर वापस चले जाने के बाद सेना ने गोलीबारी की और ड्रोन-रोधी उपाय अपनाए। 10 जनवरी को बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप की एक संयुक्त टीम ने सांबा के पालूरा गांव में एक नाले के किनारे पीले टेप से लिपटा हुआ हथियारों का एक पैकेट बरामद किया, जिसे संदिग्ध रूप से सीमा पार से ड्रोन के जरिए गिराया गया था।
जनवरी में पुंछ, राजौरी और सांबा में कई बार ड्रोन घुसपैठ और ड्रोन देखे जाने की खबरें आईं, जिसके बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई और ड्रोन-रोधी उपाय लागू किए गए। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि 2025 में भारत की पश्चिमी सीमा पर ड्रोन घुसपैठ की 791 घटनाएं हुईं और सुरक्षा बलों ने सैकड़ों हवाई खतरों से निपटने के लिए जैमर और स्पूफर का इस्तेमाल किया।
सुरक्षा एजेंसियों ने नार्को-फाइनेंसिंग के लिए हेरोइन, अफीम और सिंथेटिक ड्रग्स गिराने में ड्रोन के इस्तेमाल की ओर भी इशारा किया है। ऐसे ड्रोन ड्रॉप के जरिए पिस्तौल, ग्रेनेड, इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी), मैग्नेटिक बम और एके-47 के कारतूस जैसे हथियार और गोला-बारूद भी पहुंचा चुके हैं। ऐसी घटनाओं में अक्सर अरनिया, सांबा, कठुआ, अखनूर, राजौरी और पुंछ जैसे इलाकों में गतिविधियां सामने आई हैं।

