राजस्थान के जयपुर जिले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक प्रचारक के साथ कथित पुलिस बर्बरता का मामला सामने आने के बाद बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। आरोप है कि आरएसएस के सांभर जिला प्रचारक कृष्ण अवतार के साथ नारायणा पुलिस स्टेशन के अंदर मारपीट की गई, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई है।
पुलिस ने सोमवार को बताया कि छह पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है, और स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) को सिफारिश भेजी गई है। रविवार को सैकड़ों लोग नारायणा पुलिस स्टेशन पर जमा हुए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
बढ़ते तनाव के बीच जयपुर ग्रामीण के सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस हनुमान प्रसाद ने नारायणा का दौरा किया और आगे की कार्रवाई होने तक छह पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की घोषणा की। सस्पेंड किए गए पुलिसकर्मियों की पहचान असिस्टेंट स्टेशन हाउस ऑफिसर (एएसआई) ओंकार सिंह और कॉन्स्टेबल रमेश चंद, कुलदीप, महिपाल, विनोद और अजय के तौर पर की गई है।
नारायणा के एसएचओ उमराव सिंह, एएसआई ओंकार सिंह और शिकायत में नामजद पांच अन्य पुलिसकर्मियों समेत कुल सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। जांच का जिम्मा दूदू सर्कल ऑफिसर अनुपम मिश्रा को सौंपा गया है। एसपी ने डीजीपी से एसएचओ उमराव सिंह को भी सस्पेंड करने की सिफारिश की है।
कथित मारपीट की खबर मिलने के बाद आरएसएस स्वयंसेवक और भाजपा नेता बड़ी संख्या में नारायणा पुलिस स्टेशन पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस स्टेशन परिसर के अंदर धरना दिया और सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। उन्होंने मारपीट में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पूरे पुलिस स्टेशन में जवाबदेही तय करने की मांग की।
दिन भर हालात तनावपूर्ण बने रहे और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को शांत करने की कोशिश की। आरएसएस के नारायणा ब्लॉक एग्जीक्यूटिव अनुराग की शिकायत के अनुसार, 10 अक्टूबर की रात करीब 9 बजे पुलिसकर्मी इलाके में गश्त कर रहे थे, तभी उन्होंने जिला प्रचारक कृष्ण अवतार को रोका, जो सड़क पर पैदल जा रहे थे।
पूछताछ के दौरान कथित तौर पर बहस हुई, जिसके बाद पुलिसकर्मी उन्हें पुलिस स्टेशन ले गए। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि स्टेशन के अंदर कृष्ण अवतार के साथ बेरहमी से मारपीट की गई और उनके आरएसएस से जुड़े होने और पारिवारिक पृष्ठभूमि को लेकर अभद्र और अपमानजनक बातें कहीं गईं। जब उनकी हालत बिगड़ी, तो उन्हें कथित तौर पर एक स्थानीय डॉक्टर के पास ले जाया गया और इंजेक्शन लगाया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि होश में आने के बाद उन पर फिर से हमला किया गया।
घायल प्रचारक को शुरू में इलाज के लिए स्थानीय स्तर पर ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए जयपुर रेफर कर दिया गया। रिपोर्ट के अनुसार, उनकी हालत गंभीर बताई गई है।

