विदेश भेजने के नाम पर ट्रैवल एजेंटों द्वारा धोखाधड़ी के कई मामले प्रकाश में आए हैं। ऐसा ही एक मामला गुरदासपुर से सामने आया है, जहां दो ट्रैवल एजेंटों पर एक दंपत्ति को इंग्लैंड भेजने के नाम पर 22 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप लगा है।
पुलिस ने दोनों ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। ट्रैवल एजेंटों ने बताया कि उन्होंने पति-पत्नी को वर्क परमिट पर इंग्लैंड भेजा था। परिवार अभी भी इंग्लैंड में रह रहा है और काम कर रहा है, लेकिन उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया गया है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि एजेंट ने उनकी बहू और बेटे को इंग्लैंड में तीन साल का वर्क परमिट और नौकरी दिलाने के नाम पर 22 लाख रुपये ले लिए, लेकिन वहां जाने पर पता चला कि जिस कंपनी में उनकी बहू को नौकरी दिलाई गई थी, उस फर्म का कोई कार्यालय ही नहीं है।
शिकायतकर्ता कमलजीत सिंह के अनुसार जब उन्होंने एजेंट से पूछा तो उसने बताया कि अनुबंध केवल 2.5 लाख रुपये में उन्हें इंग्लैंड भेजने का था। पीड़ित का कहना है कि उसका बेटा और बहू एक परिचित की मदद से इंग्लैंड में रह रहे हैं और काम की तलाश कर रहे हैं। उन्हें अल्प अवधि के लिए अस्थायी काम मिलता है और उन्हें बार-बार घर पैसा भेजना पड़ता है।
वहीं, जब इस मामले को लेकर ट्रैवल एजेंट भगवती प्रसाद और अर्जन शर्मा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि परिवार उन पर झूठे आरोप लगा रहा है। उन्होंने बताया कि पति-पत्नी दोनों को वर्क परमिट पर इंग्लैंड भेजा गया था। उनके वीजा भी पूरी तरह से असली थे और वे दोनों अब वहां काम कर रहे हैं। अगर उनके वीजा या कंपनी फर्जी होती तो अंग्रेजी सरकार उन्हें वापस भेज देती।
उन्होंने बताया कि जिस कंपनी में परिवार की बहू को काम करना था, उसे ब्रिटिश सरकार ने किसी कारणवश बंद कर दिया था, जिसके कारण वहां कार्यालय नहीं था। लेकिन परिवार को बताया गया कि वे उन्हें किसी अन्य कंपनी में नौकरी दिलवा देंगे।
वहीं, गुरदासपुर सिटी थाने के एसएचओ गुरमीत सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच उच्च अधिकारियों से कराई गई है। जिसके बाद ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
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