N1Live National चंद्रनाथ रथ हत्याकांड : बंगाल पुलिस का दावा, ‘बदमाशों ने झारखंड से मंगाई थी हत्या में इस्तेमाल कार’
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चंद्रनाथ रथ हत्याकांड : बंगाल पुलिस का दावा, ‘बदमाशों ने झारखंड से मंगाई थी हत्या में इस्तेमाल कार’

Chandranath Rath murder case: Bengal police claim, 'The criminals had procured the car used in the murder from Jharkhand'

10 मई । पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (पीए) चंद्रनाथ रथ की हत्या की जांच जारी है। जांचकर्ताओं का कहना है कि हत्या में इस्तेमाल की गई कार झारखंड से लाई गई थी और उसी कार से ऑनलाइन पैसे भेजे गए थे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।

इसी सुराग के आधार पर आरोपियों की तलाश जारी है। हालांकि, अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

चंद्रनाथ की हत्या की जांच के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस ने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। टीम में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) के पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं।

जांच टीम के सदस्य आरोपियों की तलाश में उत्तर प्रदेश गए हैं। जांचकर्ताओं को उम्मीद है कि इन सभी सुरागों के जरिए जल्द ही चंद्रनाथ के हत्यारे तक पहुंचा जा सकेगा और अपराधी पकड़े जाएंगे।

इसके साथ ही, पुलिस ने बाली टोल प्लाजा से सीसीटीवी फुटेज भी हासिल किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। पैसों का भुगतान यूपीआई ​​के जरिए ऑनलाइन किया गया था, इसलिए उस माध्यम से और अधिक जानकारी जुटाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस हत्या के मामले में कई लोगों से पूछताछ की जा रही है।

चंद्रनाथ की हत्या 6 मई की रात को उत्तरी 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में गोली मारकर कर दी गई थी। चंद्रनाथ की कार के सामने अचानक एक चार-पहिया वाहन आ गया, जिसके चलते उनकी कार रुक गई।

उसी समय, दोनों तरफ से दो बाइकों पर सवार होकर बदमाश आए और उन्होंने चंद्रनाथ तथा उनके ड्राइवर पर गोलियां चला दीं, जिसके परिणामस्वरूप सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक की मौके पर ही मौत हो गई। चंद्रनाथ का ड्राइवर अभी भी अस्पताल में भर्ती है।

इस घटना को लेकर भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाए हैं। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने एक बयान जारी कर घटना की निंदा की है और अदालत की निगरानी में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है।

पुलिस के अनुसार, चंद्रनाथ की हत्या की साजिश कम से कम डेढ़ महीने पहले ही रच ली गई थी। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उस समय उसे मारने की वजह किसके पास हो सकती थी, और क्या चंद्रनाथ का किसी से कोई झगड़ा था।

पुलिस ने घटना वाले दिन ही हत्या में इस्तेमाल हुई कार को जब्त कर लिया था। कार की नंबर प्लेट नकली निकली, जिसके बाद बदमाशों की दो बाइक भी बरामद की गईं। इन बाइकों की नंबर प्लेट भी नकली हैं। ऐसा जांच को गुमराह करने के इरादे से किया गया था।

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