रांची के पिठौरिया थाना क्षेत्र में सरहुल त्योहार के दौरान 1 अप्रैल की शाम दो पक्षों के बीच टकराव और मारपीट की घटना पर बवाल मचा हुआ है। आदिवासियों के संगठन केंद्रीय सरना समिति के बैनर तले सैकड़ों लोग इस घटना के विरोध में गुरुवार को सड़क पर उतर आए।
उन्होंने रांची-पतरातू रोड को सुबह नौ बजे से ही जाम कर दिया। पिठौरिया बाजार की दुकानें भी बंद करा दी गई हैं। आक्रोशित लोग मारपीट के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
उनका कहना है कि आदिवासियों के त्योहार पर न सिर्फ शोभायात्रा को बाधित किया गया, बल्कि पाहन (पुजारी) और अन्य लोगों के साथ मारपीट की गई। इस दौरान महिलाओं के साथ भी बदसलूकी और मारपीट की गई।
इस घटना को लेकर बुधवार को हमलावरों के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
पिठौरिया के हेठबालू गांव में एक समुदाय के लोगों ने अपने त्योहार को लेकर सड़क के दोनों छोर पर बिजली की लड़ियां लगाई थीं। मंगलवार को आदिवासियों के त्योहार सरहुल पर इसी रास्ते से जब जुलूस निकला तो उनके झंडों से सड़क किनारे लगी बिजली की कई लड़ियां टूट गईं। इसी बात पर दो पक्षों में विवाद इस तरह बढ़ा कि दोनों ओर से लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर चलने लगे।
इस घटना में रवि पाहन, नगदेव पाहन, पईनभोरा मुंडा और संदीप मुंडा घायल हो गए। पथराव और मारपीट की घटना को लेकर आदम अंसारी, आरिफ अंसारी, मिंटु अंसारी और जुएफा अंसारी के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई गई है। कई अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
आवेदन में कहा गया है कि हेठबालू गांव में जैसे ही सरहुल शोभायात्रा हरगढ़ी स्थान पर पहुंची, तो पहले से घात लगाए हमलावरों ने अचानक शोभायात्रा पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया।
इस बीच पुलिस ने हमले की घटना के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन सड़क जाम कर प्रदर्शन कर रहे लोग सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों की अगुवाई केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की और अन्य कर रहे हैं। दोपहर एक बजे तक रांची-पतरातू रोड पर आवागमन बाधित है। इस वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा है।
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