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तेलंगाना में महात्मा ज्योतिराव फुले की मूर्ति में तोड़फोड़ पर केंद्र सरकार तत्काल करें हस्तक्षेप: छगन भुजबल

Chhagan Bhujbal demands immediate intervention of the Centre in the demolition of Mahatma Jyotirao Phule's statue in Telangana

8 फरवरी । एनसीपी नेता और महाराष्ट्र सरकार के मंत्री छगन भुजबल ने तेलंगाना में महात्मा ज्योतिराव फुले की मूर्ति के साथ हुई कथित तोड़फोड़ की घटना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। भुजबल ने इस घटना को सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों पर सीधा हमला बताते हुए केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है।

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री छगन भुजबल ने अपने पत्र में लिखा कि तेलंगाना राज्य के संगारेड्डी जिले के तेल्लापुर गांव में 7 फरवरी 2026 को दिनदहाड़े सामाजिक एवं शैक्षणिक क्रांति के अग्रदूत, राष्ट्रपिता महात्मा ज्योतिबा फुले की प्रतिमा पर किया गया हमला अत्यंत निंदनीय, कायरतापूर्ण और गंभीर आपराधिक कृत्य है।

उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल करोड़ों अनुयायियों की भावनाओं को आहत करती है, बल्कि सामाजिक समता, शिक्षा और मानवतावादी विचारधारा पर भी सीधा प्रहार है।

भुजबल ने अपने पत्र में महात्मा फुले के सामाजिक योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि वर्ष 1848 में उन्होंने देश का पहला बालिका विद्यालय स्थापित कर स्त्री शिक्षा की नींव रखी।

उन्होंने क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले को देश की पहली महिला शिक्षिका के रूप में तैयार किया और सती प्रथा, बाल विवाह तथा विधवाओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ संघर्ष किया। साथ ही छुआछूत और जाति प्रथा का विरोध करते हुए शूद्रों, महिलाओं, किसानों, मजदूरों और वंचित वर्गों को संगठित कर सामाजिक क्रांति का मार्ग प्रशस्त किया। सत्यशोधक समाज की स्थापना कर उन्होंने समतामूलक समाज की मजबूत नींव डाली।

एनसीपी नेता ने कहा कि ऐसे महान समाज सुधारक की प्रतिमा पर हमला समाज में वैमनस्य और अशांति फैलाने का प्रयास है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व आज भी सामाजिक न्याय और स्त्री शिक्षा के प्रतीकों से भयभीत हैं।

भुजबल ने केंद्रीय गृह मंत्री से मांग की कि इस घटना में शामिल दोषियों की तत्काल पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की जाए, उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई हो, क्षतिग्रस्त प्रतिमा के स्थान पर शीघ्र एक नई और सम्मानजनक प्रतिमा स्थापित की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले का अपमान समाज कभी सहन नहीं करेगा और इस मामले में त्वरित व सख्त कार्रवाई आवश्यक है।

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