January 12, 2026
National

झारखंड शराब घोटाले में छत्तीसगढ़ के कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया रायपुर से गिरफ्तार

Chhattisgarh businessman Siddharth Singhania arrested from Raipur in Jharkhand liquor scam

झारखंड के शराब घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने छत्तीसगढ़ के कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, झारखंड एसीबी की टीम ने उन्हें रायपुर के पास किसी स्थान पर दबिश डालकर गिरफ्तार किया। उन्हें वहां की अदालत में पेशी के बाद ट्रांजिट रिमांड पर रांची लाने की तैयारी की जा रही है।

सिद्धार्थ सिंघानिया के खिलाफ 12 जून को एसीबी ने विशेष कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट हासिल किया था। पूर्व में एजेंसी ने उन्हें पूछताछ के लिए हाजिर होने का समन भेजा था, लेकिन तय तारीख पर वे न तो उपस्थित हुए थे और न ही कोई जवाब दिया था। छत्तीसगढ़ एंटी करप्शन ब्यूरो ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच के दौरान कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया के घर पर छापा मारा था, तो वहां से एक डायरी बरामद हुई थी।

इस डायरी में झारखंड में सिंडिकेट द्वारा रची गई एक बड़ी साजिश का खुलासा हुआ था। डायरी में झारखंड में शराब व्यापार के दौरान बाधा डालने वालों को चिह्नित करने और उन्हें ‘मैनेज’ करने की रणनीति का भी उल्लेख था।

झारखंड में एसीबी की अब तक की जांच में 38 करोड़ रुपए का शराब घोटाला सामने आया है, जिसमें राज्य के वरिष्ठ आईएएस विनय कुमार चौबे, रिटायर्ड आईएएस अमित प्रकाश, झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारी गजेंद्र सिंह सहित कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एसीबी ने घोटाले में कुल 16 लोगों को अब तक नामजद किया है।

जांच एजेंसी ने इसी मामले में मंगलवार को कोर्ट से गुजरात और महाराष्ट्र के सात लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट हासिल किया है। इनमें गुजरात की विजन हॉस्पिटैलिटी सर्विस एंड कंसल्टेंट से जुड़े विपिन जादवभाई परमार, महेश शेडगे, परेश अभेसिंह ठाकोर एवं विक्रम सिंह ठाकोर, महाराष्ट्र की मार्शन इनोवेटिव सिक्योरिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े जगन तुकाराम देसाई, कमल जगन देसाई और शीतल जगन देसाई शामिल हैं।

रांची के ऑटोमोबाइल कारोबारी विनय कुमार सिंह के खिलाफ पहले से वारंट जारी हुआ था। एजेंसी ने इन सभी को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा था, लेकिन इनमें से कोई भी हाजिर नहीं हुआ।

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