नक्सलवाद के दंश ने जाने कितने ही हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ दिया। अब ऐसे ही परिवारों की जिंदगी में खुशियों के दीये जलाने का बीड़ा केंद्र सरकार ने अपने कांधों पर उठा लिया है। केंद्र सरकार अपनी विभिन्न प्रकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के जरिए नक्सलवाद की मार झेल चुके परिवारों के चेहरे पर मुस्कान लौटा रही है।
ऐसी ही योजनाओं में से एक है ‘प्रधानमंत्री आवास योजना।’ इस योजना का मुख्य मकसद बेघरों को अपना आशियाना उपलब्ध कराना है। छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर में नक्सलवाद की मार झेल चुके लोगों को इस योजना के तहत अपना आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना के लाभार्थियों ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में अपनी खुशी जाहिर की। जहां इन लाभार्थियों ने नक्सलवाद की त्रासदी को बयां किया, वहीं इस योजना की अहमियत के बारे में भी बताया।
नक्सल पीड़ित अघन सिंघ ने बताया कि 2009 में नक्सलियों ने उनके पिता को पुलिस का मुखबिर समझकर मार दिया था। अफसोस की बात यह रही कि किसी ने भी उनकी सुध नहीं ली, लेकिन आज केंद्र सरकार की सराहनीय पहल की वजह से उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल पा रहा है। वे बहुत खुश हैं। वे बताते हैं कि वे अपनी खुशी को जाहिर नहीं कर सकते हैं। केंद्र सरकार की इस योजना की वजह से उनकी जिंदगी में चौतरफा खुशियों की बयार बह रही है।
वहीं, अन्य नक्सली पीड़िता राम बाई मंडवी ने 2009 में नक्सली घटना का जिक्र करते हुए बताया कि इसी साल एक नक्सली घटना हुई थी, जिसके बाद सभी लोग चले गए थे, जिसमें वह भी शामिल थी। उधर, अब जब नक्सलवाद समाप्त हो चुका है तो हम सभी लोग अपने गांव लौट आए हैं। साथ ही, खुशी इस बात की है कि केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें घर मिला। इससे ज्यादा खुशी की बात और क्या हो सकती है? इस योजना से उनकी जिंदगी में एक सकारात्मक बदलाव आया है।
नक्सली पीड़िता रमिता बाई ने नक्सलियों की त्रासदी को याद किया। उन्होंने कहा कि नक्सलियों ने एक बार पकड़कर उसके साथ मारपीट की थी, जिसके बाद उसे छोड़ दिया गया। इस घटना के बारे में उन्होंने पुलिस को बताया, जिसके बाद उसे मानपुर लाया गया। अब केंद्र सरकार की पहल से उसे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल पा रहा है। इस योजना की वजह से अब उसके पास खुद का घर होगा। इससे ज्यादा खुशी की बात और क्या हो सकती है।
सीईओ प्राजंल प्रजापति ने बताया कि हम नक्सलवाद का दंश झेल चुके लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर उपलब्ध करा रहे हैं। हम ऐसे लोगों को चिह्नित कर रहे हैं, जो नक्सलवाद से जुड़े पीड़ित रह चुके हैं। अब ऐसे लोगों को चिह्नित कर ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ का फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। हमारी तरफ से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी व्यक्ति इस योजना का लाभ उठाने से वंचित न रहे।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले में नक्सलवाद अब पूरी तरह से खत्म हो चुका है। अब नक्सलवाद से पीड़ित लोगों को ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ का लाभ दिलवाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। अब तक 20 नक्सल पीड़ित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल चुका है। जल्द ही अन्य लोगों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। इसके अलावा, शासन की तरफ से अन्य सुविधाएं भी नक्सल पीड़ितों को दिलाएंगे।

