मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को यहां एकमुश्त समाधान-2025 (ओटीएस) आबकारी एवं कराधान योजना का शुभारंभ किया।
सैनी ने कहा, “प्रदेश में आर्थिक समृद्धि और सुशासन के लिए पारदर्शी और न्यायसंगत कर प्रणाली जरूरी है। कर प्रणाली सरल और प्रभावी होगी तो व्यापारियों, उद्यमियों और निवेशकों को लाभ होगा और आर्थिक गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी। मुझे पूरा विश्वास है कि ओटीएस से हजारों करदाताओं, खासकर छोटे व्यापारियों और कारोबारियों को राहत मिलेगी। इसका उद्देश्य मुकदमों से राहत दिलाना, करदाताओं को पुराने वित्तीय बोझ से मुक्त कर नई शुरुआत करने का अवसर देना और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाना है।”
सीएम ने कहा कि आबकारी एवं कराधान विभाग को बकाया कर वसूलने में दिक्कत आ रही है। इस योजना के लागू होने से जहां करदाताओं को राहत मिलेगी, वहीं राजस्व संग्रह में भी बढ़ोतरी होगी। इस योजना के तहत 10 लाख रुपये तक बकाया वाले करदाताओं को एक लाख रुपये तक की छूट मिलेगी। यह योजना आगामी 180 दिनों तक खुली रहेगी। सैनी ने करदाताओं से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपना बकाया भुगतान करें।
उन्होंने कहा कि 2023 में भी ओटीएस योजना शुरू की गई थी, लेकिन इसमें कुछ बाधाएं थीं, जिन्हें दूर कर दिया गया है। सरकार ने बकाया करों के भुगतान के लिए तीन स्लैब बनाए हैं।
करदाताओं की सुविधा के लिए पिछले तीन-चार वर्षों का ऑडिट एक ही बार में हो जाएगा। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सरकार ने ईटीओ और डीईटीसी कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास में व्यापारियों का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि हरियाणा से जीएसटी संग्रह में 28 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
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