हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि वैश्विक सहयोग के इस नए युग में हरियाणा अफ्रीकी देशों के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने और उनका विस्तार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा न केवल औद्योगिक और आर्थिक क्षेत्रों में अग्रणी राज्य के रूप में उभरा है, बल्कि कृषि, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, बागवानी और अन्य संबद्ध क्षेत्रों में भी अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि आपसी सहयोग के माध्यम से दोनों पक्ष अनुभव और विशेषज्ञता साझा कर सकते हैं और विकास को गति दे सकते हैं।
मुख्यमंत्री नई दिल्ली में आयोजित भारत विद्युत शिखर सम्मेलन-2026 के भारत-अफ्रीका रणनीतिक साझेदारी सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय विद्युत एवं आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने की। केंद्रीय विद्युत एवं नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक ने भी शिखर सम्मेलन को संबोधित किया।
अफ्रीकी देशों के मंत्रियों, प्रतिनिधियों और गणमान्य व्यक्तियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अफ्रीका के साथ हरियाणा के संबंध “व्यापार से व्यापार” से कहीं अधिक हैं और वास्तव में “दिल से दिल” के हैं।
उन्होंने कहा कि कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में हरियाणा और अफ्रीकी देशों के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। आधुनिक प्रौद्योगिकी, उन्नत बीजों, सिंचाई प्रबंधन, दुग्ध उत्पादन विकास और कृषि आधारित उद्योगों में सहयोग से दोनों पक्षों को लाभ होगा। उन्होंने आगे कहा कि हरियाणा सरकार इस दिशा में संस्थागत सहयोग, निवेश सुविधा और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में हरियाणा और अफ्रीकी देशों के बीच सहयोग के नए आयाम उभरेंगे, जिससे आर्थिक विकास में तेजी आएगी और साझा वैश्विक समृद्धि में योगदान मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत-अफ्रीका साझेदारी समानता, विश्वास और आपसी सम्मान पर आधारित है, जिसमें समावेशी विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है ताकि कोई भी पीछे न छूट जाए।
ऊर्जा क्षेत्र के महत्व पर जोर देते हुए, मुख्यमंत्री ने हरियाणा के विद्युत क्षेत्र में परिवर्तन लाने का श्रेय पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल को दिया।
मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में केन्या और तंजानिया जैसे देशों के साथ चल रही बातचीत पर प्रकाश डाला, जहां हरियाणा के किसान उत्पादकता बढ़ाने में योगदान दे सकते हैं। उन्होंने युगांडा, इथियोपिया और रवांडा में ऊर्जा उत्पादन और बुनियादी ढांचा विकास के अवसरों की ओर भी इशारा किया।
तंजानिया निवेश केंद्र के साथ सहयोग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे व्यापार, कृषि, उर्वरक और ऊर्जा क्षेत्रों में नए रास्ते खुल रहे हैं, जबकि उच्च स्तरीय संवाद से निवेशकों का विश्वास बढ़ रहा है।

