N1Live Entertainment समाज की कुरीतियों को आईना दिखाती ‘चिरैया’, अंजना सिंह ने की जमकर तारीफ
Entertainment

समाज की कुरीतियों को आईना दिखाती ‘चिरैया’, अंजना सिंह ने की जमकर तारीफ

'Chiraiya' holds a mirror to the evils of society, Anjana Singh praises it.

26 मार्च । अभिनेत्री दिव्या दत्ता अपने शानदार अभिनय से दर्शकों के दिलों में खास पहचान रखती हैं। वे ज्यादातर ऐसे प्रोजेक्ट्स का हिस्सा होती हैं, जो समाज की कुरीतियों और गंभीर मुद्दों पर रोशनी डालती हैं। इसी कड़ी में वे आगामी सीरीज ‘चिरैया’ लेकर आ रही हैं, जो घरेलू अन्याय पर विशेष सवाल उठाती है।

‘चिरैया’ अब जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम हो रही है। छह एपिसोड वाली यह सीरीज हर किसी के दिल को छू रही है और सोचने पर मजबूर कर रही है। इसी कड़ी में अभिनेत्री अंजना सिंह ने इंस्टाग्राम के जरिए सीरीज की जमकर तारीफ की। उन्होंने सीरीज का महत्वपूर्ण सीन स्टोरीज सेक्शन पर शेयर किया और लिखा, “यह सीरीज सीधे उस जगह को छूती है जहां दर्द होता है, पितृसत्तात्मक मानसिकता के मूल को।”

सीरीज के जरिए निर्देशक शशांत शाह ने घरेलू अन्याय और वैवाहिक संबंधों में सहमति जैसे संवेदनशील विषयों पर सवाल उठाया है कि क्या शादी करने से जीवनभर की सहमति मिल जाती है। इसके साथ ही, उन्होंने सीरीज के जरिए उन कुरीतियों पर सोचने पर मजबूर किया है, जो सालों से प्रथा के तौर पर समाज में चली आ रही हैं, जिन पर आजतक किसी ने सवाल नहीं किया।

‘चिरैया’ की कहानी एक ऐसी महिला के ईर्द-गिर्द घूमती है, जो शादी के बाद भी अपने अधिकारों और सहमति के मुद्दे पर आवाज उठाती है। यह सीरीज सीधे-सीधे पूछती है, क्या शादी करने भर से जीवनभर की सहमति मिल जाती है? क्या पति को जबरदस्ती करने का हक है?

शुशांत शाह द्वारा निर्देशित सीरीज में दिव्या दत्ता मुख्य भूमिका में नजर आएंगी, जो कुरीति पर सवाल उठाने के साथ साथ अपनों से ही लड़ती दिखेंगी। वहीं, इसमें संजय मिश्रा भी अहम किरदार में नजर आएंगे। इसके अलावा सिद्धार्थ शॉ, प्रसन्ना बिष्ट, फैसल राशिद, टीनू आनंद और सरिता जोशी जैसे कलाकार भी इसमें शामिल हैं। यह सीरीज एसवीएफ एंटरटेनमेंट द्वारा बनाई गई है और जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीम हो रही है।

‘चिरैया’ सिर्फ मनोरंजन नहीं है, बल्कि समाज को आईना दिखाती है। यह बताती है कि विवाह सहमति का लाइसेंस नहीं है। सीरीज कानूनी पहलुओं की कमी को भी उजागर करती है, जहां मैरिटल रेप अभी भी पूरी तरह अपराध नहीं माना जाता।

Exit mobile version