शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इंस्टाग्राम से निकली सीजेपी वापस वहीं घुस जाएगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह जनता का आंदोलन नहीं, लगता है जैसे टीवी शो का कोई सीजन हो।
आईएएनएस से बातचीत में संजय निरुपम ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर और मुंबई के शिवाजी पार्क में विपक्षी दलों या कॉकरोच जनता पार्टी के इंस्टाग्राम वाले युवाओं की तरफ से जो आंदोलन हो रहा है, यह आंदोलन न तो देश बचाने के लिए है, न लोकतंत्र बचाने के लिए और न ही संविधान बचाने के लिए है। यह आंदोलन तमाम राजनीतिक पार्टियों की तरफ से अपनी पार्टी बचाने के लिए और कॉकरोच जनता पार्टी की तरफ से अपनी राजनीति चमकाने के लिए है।
उन्होंने कहा कि मैं मुंबई पुलिस को बहुत-बहुत बधाई देना चाहूंगा कि उन्होंने शिवाजी पार्क में होने वाले तमाशे और नौटंकी को शुरू होने से पहले ही रोक दिया। उन्होंने पूरा मंच उखाड़कर फेंक दिया और नौटंकी नहीं होने दी।
दूसरी ओर, इंडिया गठबंधन की बैठक में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के शामिल नहीं होने पर संजय निरुपम ने कहा कि इंडिया गठबंधन विपक्षी एकता के नाम पर कांग्रेस की ओर से चलाया गया एक जबरदस्ती का अभियान है। कांग्रेस जोर-जबरदस्ती से अभियान चलाती है ताकि तमाम विपक्षी दलों पर अपनी चौधराहट और प्रधानता स्थापित कर सके।
कांग्रेस तमाम विपक्षी दलों से कहना चाहती है कि हम देश में सबसे बड़े दल हैं और सबसे ताकतवर हम हैं। इसलिए हम जैसा बोलें, वैसा करो। इसलिए वे हंटर चलाते हैं। अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश में सबसे प्रमुख विपक्षी दल के प्रमुख नेता हैं और वहां कांग्रेस पार्टी की कोई हैसियत ही नहीं है। मुश्किल से कांग्रेस का एक विधायक है और कांग्रेस पार्टी अखिलेश यादव के ऊपर हंटर चलाना चाहती है। अब अखिलेश भी विद्रोह कर रहे हैं।
सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन को लेकर शिवसेना नेता शाइना एनसी ने पलटवार किया।
उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने एसआईआर के तहत बीएलओ को हर जगह जाकर यह पता लगाने का निर्देश दिया है कि असली वोटर कौन हैं और कौन नहीं। इसके बाद जांच करने को कहा गया है। अगर किसी राजनीतिक पार्टी को कोई आपत्ति है, तो उन्हें यह बात उठानी चाहिए, लेकिन अफवाहें नहीं फैलानी चाहिए। राहुल गांधी से कहना चाहती हूं कि फॉर्म-6 बिल्कुल वैसा ही है। इसमें एक एनेक्सर (अनुबंध) जोड़ा गया है, जिसमें किसी व्यक्ति के माता-पिता, दादा-दादी और अन्य विवरणों के बारे में अतिरिक्त जानकारी मांगी गई है।
उन्होंने सीजेपी का जिक्र करते हुए कहा कि यह किस तरह का विरोध है। क्या वोटर लिस्ट शुद्ध नहीं होनी चाहिए? अगर होनी चाहिए तो फिर विरोध किस बात का है।
इसी बीच, शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि जब ओवैसी हिंदुओं के खिलाफ बात करते हैं तो संविधान कहां चला जाता है। बार-बार हिंदुओं को बदनाम करने का काम ओवैसी कर रहे हैं, यह सरासर गलत है। यूनिफॉर्म सिविल कोड क्या है, उन्हें इसका अध्ययन करना चाहिए।
वीएचपी अध्यक्ष आलोक कुमार के गरबा को लेकर दिए गए बयान पर मनीषा कायंदे ने कहा कि गरबा और नवरात्रि देवी की आराधना से जुड़े हैं। नवरात्रि में देवी की आराधना होती है। देवी के स्तुति-गायन, भजन और कीर्तन होते हैं। बाकायदा जहां नवरात्रि या गरबा-डांडिया रास होता है, वहां देवी की मूर्ति स्थापित कर पूजा की जाती है।
उन्होंने कहा कि जो वंदे मातरम के खिलाफ हैं और जो भारत भूमि को वंदन नहीं करना चाहते, तो क्या वे देवी को प्रणाम करेंगे? क्या वे देवी के सामने नतमस्तक होंगे? स्वाभाविक है कि यह हिंदू धर्म से जुड़ा विषय है और निश्चित रूप से इसमें उन्हीं लोगों के लिए प्रवेश होना चाहिए, जो हिंदू धर्म को मानते हैं और उसका सम्मान करते हैं।

