पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने बुधवार को शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ आय से ज़्यादा संपत्ति (DA) के मामले में चार्जशीट फाइल की, जिसमें शेल कंपनियों, शराब के बिजनेस और दूसरे फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन से जुड़े 736.96 करोड़ रुपये के मनी ट्रेल का पता लगाने का दावा किया गया है।
आम आदमी पार्टी (AAP) और मजीठिया के बीच टकराव 2017 के विधानसभा चुनावों के बाद से एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा रहा है, जिसके कारण कोर्ट में लड़ाई, मानहानि के मुकदमे और आक्रामक राजनीतिक अभियान शुरू हुए, जिसमें अकाली नेता को निशाना बनाने वाले AAP के बिलबोर्ड अभियान भी शामिल हैं।
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में इस विवाद के एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बने रहने की उम्मीद है। AAP के नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल ने मजीठिया के खिलाफ चार्जशीट को लेकर BJP और SAD पर निशाना साधते हुए कहा, “अमित शाह जी अब एक ऐसे व्यक्ति से मिलकर पंजाब को फिर से ड्रग्स में डुबाने की तैयारी कर रहे हैं, जिसने राज्य में 736 करोड़ रुपये के ड्रग्स बेचे और उस पैसे को बैंकों में जमा किया। क्या अब गुजरात के रास्ते ड्रग्स लाकर पंजाब में बेचे जाएंगे? पंजाबी इसकी बिल्कुल इजाज़त नहीं देंगे।” चार्जशीट की कॉपी तुरंत उपलब्ध नहीं थी, और विजिलेंस अधिकारियों ने कमेंट के लिए किए गए कॉल का जवाब नहीं दिया। हालांकि, AAP पंजाब मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चार्जशीट की डिटेल्स जारी कीं। उन्होंने कहा कि विजिलेंस ब्यूरो ने लगभग 300 गवाहों के बयानों के साथ 40,000 पेज की चार्जशीट फाइल की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच से पता चला है कि 2007-2017 की अकाली-BJP सरकार के दौरान मजीठिया की संपत्ति में तेजी से बढ़ोतरी हुई थी, यह वह समय था जब पंजाब में ड्रग्स के गलत इस्तेमाल को लेकर चिंताएं भी बढ़ रही थीं।
राजनीतिक बदले की भावना के आरोपों को खारिज करते हुए पन्नू ने कहा कि जांचकर्ताओं ने सराया इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, पेरेग्रीन सराया ऑर्गेनिक प्राइवेट लिमिटेड, एसडी बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड, ए टू जेड ट्रांसपोर्ट, एडी एंटरप्राइजेज, यूनाइटेड वाइन्स, आकाश एंटरप्राइजेज, यूडब्ल्यू एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड, एडी एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड, आकाश स्पिरिट्स प्राइवेट लिमिटेड और नवांशहर पावर प्राइवेट लिमिटेड समेत कई कंपनियों और बिजनेस संस्थाओं से जुड़े फाइनेंशियल लेन-देन की जांच की है।
उन्होंने कहा कि इन फर्मों और उनके फाइनेंशियल लेन-देन का जांच के दायरे में आए कथित मनी ट्रेल में एक अहम हिस्सा है। मजीठिया के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट, 1988 के सेक्शन 13(1)(e) और 13(2) के साथ-साथ सेक्शन 120-B (क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी) के तहत केस दर्ज किया गया था। FIR मोहाली में विजिलेंस ब्यूरो ने 25 जून, 2025 को दर्ज की थी।
पन्नू ने कहा कि सह-आरोपी हरप्रीत सिंह गुलाटी की गिरफ्तारी के बाद जांच जारी रही, जिसके परिणामस्वरूप नवंबर 2025 और जनवरी 2026 में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की गईं। उन्होंने कहा कि मजीठिया के करीबी रिश्तेदार बताए जाने वाले गजपत सिंह ग्रेवाल का नाम जांच के दौरान सामने आया था और उसे सेक्शन 120-B के तहत नामजद किया गया था।
AAP ने आगे आरोप लगाया कि मजीठिया के दो साथी, सतप्रीत सिंह उर्फ सत्ता और परमिंदर सिंह उर्फ पिंडी, अभी कनाडा में हैं। पन्नू ने कहा कि पंजाब सरकार केंद्र से उनके एक्सट्रैडिशन की मांग कर रही है ताकि कथित इंटरनेशनल ड्रग नेटवर्क लिंक की जांच की जा सके। आरोपों का जवाब देते हुए मजीठिया ने AAP और उसके नेशनल लीडरशिप पर आय से ज़्यादा संपत्ति के मामले को ड्रग तस्करी का मामला बताकर पंजाबियों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पंजाब के सामने मौजूद ज़रूरी मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
मजीठिया ने कहा कि AAP नेताओं ने उन पर बार-बार ड्रग्स से जुड़े आरोप लगाए हैं और याद दिलाया कि AAP के नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल ने 2018 में पहले के आरोपों के लिए कोर्ट में माफी मांगी थी। उनके वकील, डीएस सोबती ने तर्क दिया कि DA केस में बताई गई जानकारी को अपने आप ड्रग ट्रैफिकिंग का सबूत नहीं माना जा सकता। उन्होंने सप्लीमेंट्री चार्जशीट के बारे में किए जा रहे दावों पर सवाल उठाया और कहा कि सिर्फ़ कोर्ट के रिकॉर्ड ही असली स्थिति बता सकते हैं।
मजीठिया ने इस आरोप को भी गलत बताया कि 736 करोड़ रुपये ड्रग मनी है, और कहा कि सरकार ऐसा कोई लिंक साबित करने में नाकाम रही है। सोबती ने आगे कहा कि सिर्फ़ कैश डिपॉज़िट को उनके सोर्स और सपोर्टिंग सबूतों की जांच किए बिना ब्लैक मनी नहीं कहा जा सकता।

