N1Live National देहरादून में ‘रन फॉर कारगिल हीरोज’ मैराथन को सीएम धामी ने दिखाई हरी झंडी, शहीदों को दी श्रद्धांजलि
National

देहरादून में ‘रन फॉर कारगिल हीरोज’ मैराथन को सीएम धामी ने दिखाई हरी झंडी, शहीदों को दी श्रद्धांजलि

CM Dhami flags off the 'Run for Kargil Heroes' marathon in Dehradun and pays tribute to the martyrs.

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को कारगिल विजय दिवस से पहले देहरादून स्थित गढ़ी कैंट के चिड़बाग में शौर्य स्थल पर ‘रन फॉर कारगिल हीरोज’ मैराथन को झंडी दिखाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के लिए अपनी जान देने वाले बहादुर सैनिकों को पुष्पचक्र अर्पित करके श्रद्धांजलि दी। बाद में उन्होंने कारगिल विजय दिवस से पहले यादगार कार्यक्रमों के तहत ‘रन फॉर कारगिल हीरोज’ मैराथन को हरी झंडी दिखाई।

सीएम धामी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ऐसे योद्धा, ऐसे हीरो, जिन्होंने भारत के मान-सम्मान को बढ़ाया और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्वरूप वीरता का परिचय दिया, वे हमेशा हमारे स्मरण में रहें। भारत के इतिहास में आने वाली पीढ़ियां उनसे प्रेरित होती रहें और देशभक्ति, राष्ट्रभक्ति तथा समाज सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ें। इसीलिए आज हम कारगिल विजय दिवस के अवसर पर यह आयोजन कर रहे हैं। इसमें बड़ी संख्या में युवा और नौजवान आए हैं। सभी एक स्वर से देशभक्ति का संकल्प लेकर देश को आगे बढ़ाने का संकल्प ले रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “कारगिल का युद्ध भारत के इतिहास का ऐसा युद्ध था, जिसमें भारत की सेनाओं ने कठिन चोटियों पर चढ़कर संघर्ष किया, अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया। यह पहला युद्ध था, जिसमें भारत की सेना ने युद्ध के मैदान में जीत हासिल की और समझौतों की मेज पर भी अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भारत ने जीत दर्ज की। इसमें सेना के जवानों ने अपनी वीरता और शहादत से भारत को एक ऐतिहासिक विजय दिलाई।”

इस दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश और शिक्षा से जुड़े फैसलों को लेकर धामी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कालखंड में युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए पूरा प्रयास किया है। प्रधानमंत्री बनने के तुरंत बाद उन्होंने स्किल डेवलपमेंट डिपार्टमेंट बनाया, स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया और पिछले 12 सालों में 17 करोड़ रोजगार के मौके बनाए गए, जिससे 17 करोड़ लोगों को रोजगार मिला। इसकी तुलना में, 2004 से 2014 के बीच मात्र 2 करोड़ लोगों को रोजगार मिला, जबकि इन 12 सालों में 17 करोड़ रोजगार के मौके बनाए गए हैं। 12 लाख लोगों को अपॉइंटमेंट लेटर भी बांटे गए हैं।”

Exit mobile version