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पवन खेड़ा के खिलाफ सीएम हिमंता बदले की भावना से कार्रवाई कर रहे हैं: केसी वेणुगोपाल

CM Himanta is taking action against Pawan Khera out of vindictiveness: KC Venugopal

10 अप्रैल । अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) के महासचिव और संसद सदस्य केसी वेणुगोपाल ने शुक्रवार को आरोप लगाया है कि असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के खिलाफ साफ तौर पर बदले की भावना से कार्रवाई’ कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ने पहले गौरव गोगोई और उनकी पत्नी पर भी गलत आरोप लगाए थे।

पत्रकारों से बात करते हुए वेणुगोपाल ने कहा, “यह हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा की जा रही बदले की कार्रवाई है। उन्होंने गौरव गोगोई और उनकी पत्नी पर झूठे आरोप लगाए हैं। उन्होंने कितनी बार ऐसे बेबुनियाद दावे किए हैं? अगर चुनावों से पहले इन आरोपों में कोई सच्चाई थी, तो उन्होंने कोई सबूत क्यों पेश नहीं किया?”

असम के मुख्यमंत्री की आलोचना करते हुए उन्होंने उनके बयानों को विरोधाभासी बताया। उन्होंने आगे कहा कि जिस व्यक्ति ने गौरव गोगोई और उनके परिवार पर झूठे आरोप लगाए थे, वही अब पवन खेड़ा पर शरारत करने का आरोप लगा रहा है। यह बदले की कार्रवाई का मामला है।

केरल में कांग्रेस पार्टी की संभावनाओं को लेकर विश्वास जताते हुए वेणुगोपाल ने आगे कहा कि हम केरल में जीतने जा रहे हैं और प्रदेश में सरकार बनाएंगे।”

7 अप्रैल को, असम पुलिस ने पवन खेड़ा के खिलाफ एक मामला दर्ज किया, जिसमें जालसाजी, मानहानि और आपराधिक साजिश के आरोप शामिल हैं। यह मामला सीएम सरमा और उनकी पत्नी रिंकी भुइयां सरमा के परिवार को निशाना बनाने वाली टिप्पणियों से जुड़ा है।

इससे पहले दिन में, तेलंगाना हाई कोर्ट ने असम पुलिस द्वारा पवन खेड़ा के खिलाफ दर्ज मामले में उन्हें अंतरिम राहत दी। हाई कोर्ट ने खेड़ा को एक सप्ताह के लिए अग्रिम जमानत दी, ताकि वह संबंधित अदालत के समक्ष नियमित जमानत के लिए आवेदन दायर कर सकें।

न्यायमूर्ति के सुजाना, जिन्होंने गुरुवार को खेड़ा की याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था, ने शुक्रवार को यह आदेश सुनाया। खेड़ा ने हाई कोर्ट से ट्रांजिट अग्रिम जमानत की मांग की थी, ताकि वह असम की अदालतों में जा सकें।

खेड़ा की तरफ से पेश होते हुए अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि असम पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर राजनीतिक बदले की भावना का नतीजा है।

सिंघवी ने कहा कि एफआईआर में एक राजनीतिक विरोधी पर दबाव डालने के लिए हर संभव आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने दलील दी कि भले ही कांग्रेस नेता के बयान गलत साबित हों, लेकिन यह मामला मानहानि का है और उन्हें गिरफ्तार करने का कोई कारण नहीं है।

सिंघवी ने कहा कि खेड़ा फरार नहीं हैं। वह सहयोग करने के लिए तैयार हैं।

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