N1Live Punjab ‘कल आना’: फागवारा की महिला का आरोप है कि बंदूक की नोक पर लूट के बाद की उसकी SOS कॉल पर पुलिस की प्रतिक्रिया उदासीन रही।
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‘कल आना’: फागवारा की महिला का आरोप है कि बंदूक की नोक पर लूट के बाद की उसकी SOS कॉल पर पुलिस की प्रतिक्रिया उदासीन रही।

'Come back tomorrow': A Phagwara woman alleges an indifferent police response to her SOS call following a robbery at gunpoint.

सोमवार देर शाम फागवाड़ा के हरकिशन नगर में एक महिला को तीन नकाबपोश मोटरसाइकिल सवारों ने बंदूक की नोक पर लूट लिया। बताया जा रहा है कि लुटेरे महिला से 35 लाख रुपये से अधिक मूल्य के सोने के गहने लेकर फरार हो गए। पीड़िता के परिवार ने पुलिस पर घटना की सूचना मिलने के बावजूद तुरंत कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है।

पीड़िता साक्षी सलारिया के अनुसार, यह घटना तब घटी जब वह और उनकी सास खरीदारी करके दोपहिया वाहन से घर लौट रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि मोटरसाइकिल पर सवार तीन नकाबपोश युवकों ने पहले उन्हें ओवरटेक किया और फिर थोड़ी दूरी पर रुक गए। हमलावरों ने कथित तौर पर उनकी गर्दन के एक तरफ पिस्तौल और दूसरी तरफ तलवार रखकर गालियां दीं और फिर उनकी सोने की चेन, मंगलसूत्र और लॉकेट छीन लिए। इसके बाद आरोपी मोटरसाइकिल पर बैठकर फरार हो गए। उन्होंने बताया कि एक संदिग्ध ने अपना चेहरा पूरी तरह से नकाब पहना हुआ था।

पीड़ित ने दावा किया कि चोरी हुए गहनों की कीमत 35 लाख रुपये से अधिक थी और बताया कि घटना के तुरंत बाद पुलिस को सूचना दी गई थी। परिवार का आरोप है कि गंभीर सशस्त्र डकैती की सूचना शहर पुलिस को देने के बावजूद, पुलिस न तो मौके पर पहुंची और न ही तत्काल कार्रवाई की। इसके बजाय, उन्हें अगले दिन सुबह लगभग 10:30 बजे पुलिस स्टेशन आने के लिए कहा गया। इस कथित उदासीन प्रतिक्रिया से स्थानीय निवासियों में आक्रोश फैल गया है, जिन्होंने पुलिस की आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की प्रभावशीलता पर सवाल उठाया है।

निवासियों ने कहा कि यदि कानून प्रवर्तन एजेंसियां ​​सशस्त्र डकैती जैसी घटनाओं पर भी तुरंत कार्रवाई करने में विफल रहती हैं, तो इससे अपराधियों का हौसला बढ़ेगा और पुलिस व्यवस्था पर जनता का विश्वास कम होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे गंभीर मामलों में देरी से सार्वजनिक सुरक्षा और शहर में कानून व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ जाती हैं।

इस मामले में पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) से आधिकारिक बयान प्राप्त करने के प्रयास असफल रहे, क्योंकि बार-बार फोन करने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक पुलिस ने इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया था।

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