भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस एमएलसी बोम्मा महेश कुमार गौड़ के सनातन धर्म पर दिए बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि आज की तारीख में कांग्रेस की पहचान ही ‘सनातन विरोधी’ की बन चुकी है। शहजाद पूनावाला ने मंगलवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि कांग्रेस वोट बैंक की दुकान चलाती है। कांग्रेस की ओर से हमेशा हिंदुओं का अपमान करना कोई संयोग नहीं है, बल्कि सोचा समझा प्रयोग है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर और रेवंत रेड्डी जैसे नेताओं ने हिंदुओं का अपमान किया था। इन लोगों ने तो सारी हदें पार करते हुए कभी भगवान राम को काल्पनिक बताया तो कभी हिंदू आतंकवाद जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। इन लोगों को हिंदू समुदाय के हितों से कोई सरोकार नहीं है।
शहजाद पूनावाला ने कहा कि इन तमाम घटनाओं से यह साफ जाहिर होता है कि कांग्रेस की एक ही प्रणाली है। हिंदुओं को दो गाली, ताकि मिले वोट बैंक की थाली। ऐसे में मेरा सीधा सवाल लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से है, क्या वे अपनी पार्टी में मौजूद ऐसे नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करेंगे? जवाब स्पष्ट है कि वे बिल्कुल भी ऐसा नहीं करेंगे। इसके विपरीत वे खुद एक कदम आगे बढ़ते हुए हिंदुओं की आस्था का अपमान करेंगे, लेकिन अब इस तरह की स्थिति को देश में किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के अयोध्या स्थित राम मंदिर जाने को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि इससे अच्छी बात और क्या हो सकती है कि कल तक जो लोग भगवान राम को काल्पनिक बता रहे थे, वे आज राम मंदिर जाने के लिए तैयार हो रहे हैं। निश्चित तौर पर इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है।
शहजाद पूनावाला ने कहा, मैं राहुल गांधी को कहना चाहूंगा कि जिस तरह से उनकी पार्टी ने भगवान राम को काल्पनिक बताया था, उसके लिए राहुल गांधी माफी मांगें। इतना ही नहीं, पंडित नेहरू ने तो सोमनाथ मंदिर से लेकर अयोध्या तक का विरोध किया था। इन लोगों ने राजनीतिक फायदा अर्जित करने के मकसद से राम मंदिर को लटकाने, अटकाने और भटकाने का काम किया था। उसके लिए पहले देश के लोगों से माफी मांगिए और फिर राम मंदिर का दर्शन करने जाइए। हमें इससे कोई आपत्ति नहीं होगी।
इसके अलावा, भाजपा प्रवक्ता ने वक्फ संशोधन कानून को लेकर जताई जा रही आपत्ति पर भी सवाल उठाया। शहजाद पूनावाला ने कहा कि उस बात को नहीं भुलाया जा सकता है कि कुछ लोगों ने राजनीतिक दुर्भावना से ग्रसित होकर नागरिकता संशोधन कानून को लेकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की थी। इन्होंने लोगों को यह कहकर दिग्भ्रमित किया था कि अगर नागरिकता संशोधन कानून लागू हो गया, तो मुसलमानों की नागरिकता चली जाएगी।
आज आप स्थिति देख लीजिए कि किसी की भी नागरिकता नहीं गई। इसके विपरीत दंगे जरूर हो गए। इन लोगों की एकमात्र मंशा सिर्फ दंगा करना है। इन्हें लोगों के हितों से कोई सरोकार नहीं है। अगर होता, तो आज इनकी स्थिति ऐसी नहीं होती है। अब यही लोग एक बार फिर से वक्फ संशोधन कानून को लेकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। कह रहे हैं कि इससे कब्रिस्तान और मस्जिदों पर कब्जा हो जाएगा, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है। ये लोग बेवजह का राजनीतिक विलाप करते हैं। ये वही लोग हैं जो गाजा के मुस्लिमों पर होने वाले अत्याचार पर मुखर रहते हैं, जबकि ढाका के हिंदुओं पर होने वाले अत्याचार के समय चुप हो जाते हैं।
उन्होंने कांग्रेस के उन आरोपों को भी बेबुनियादी करार दिया, जिसमें कहा जा रहा है कि भाजपा ने राजनीतिक दुर्भावना से ग्रसित होकर मनरेगा का नाम बदला। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि हमने किसी भी योजना का नाम नहीं बदला है, बल्कि इसकी जगह में हम नया बिल लेकर आए, जिसका नाम जी राम जी है। अगर सही मायने में किसी ने महात्मा गांधी का नाम बदला, तो वह कांग्रेस है। कांग्रेस पार्टी के नेता जी. परमेश्वर ने एक स्टेडियम जिसका नाम महात्मा गांधी के ऊपर था, उसे बदलकर अपने नाम पर रख दिया। ऐसी स्थिति में मेरा उनसे सीधा सा सवाल है कि क्या जी परमेश्वर कोई खिलाड़ी हैं जो उन्होंने स्टेडियम का नाम अपने नाम पर रख लिया।
शहजाद पूनावाला ने कहा कि अगर सही मायने में देखा जाए तो गांधी विरोधी कोई और नहीं, बल्कि कांग्रेस ही है। पूर्व में कई ऐसे मौके सामने आए हैं, जिनसे यह साफ जाहिर होता है कि कांग्रेस महात्मा गांधी की विरोधी रही है। महात्मा गांधी ने कहा था कि हम राम राज्य लेकर आएंगे, लेकिन अफसोस की बात है कि इसी कांग्रेस ने भगवान राम को काल्पनिक बताने से गुरेज नहीं किया। इससे दुखद और क्या हो सकता है?

