16 जुलाई । कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कोई भी प्रतिक्रिया देने से साफ इनकार कर दिया।
उन्होंने गुरुवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि यह कोर्ट से जुड़ा मामला है। इस पर भला हम क्या ही टिप्पणी कर सकते हैं। कोर्ट ने जब कुछ कहा है, तो उस पर अमल किया जाना चाहिए।
इसके अलावा, उन्होंने पंजाब कांग्रेस में चल रही राजनीतिक घमासान पर भी अपनी बात रखी। उनके मुताबिक, यह चुनाव का समय है। इस समय में हमें किसी भी प्रकार का गुटबाजी से बचना चाहिए और जो भी निर्देश शीर्ष नेतृत्व की ओर से दिए जा रहे हैं, उसका पालन होना चाहिए और उस दिशा में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जानी चाहिए।
वहीं, उन्होंने प्रशांत किशोर के राजनीतिक वर्चस्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि प्रशांत किशोर एक वन आर्मी पार्टी हैं, वो खुद ही सब कुछ हैं, बाकी जिन लोगों का जिक्र किया जा रहा है, मैं उनके बारे में नहीं जानता हूं और ना ही मुझे उनके बारे में मालूम है कि वो कोई भी नेता रहे हैं या उनका सियासत से कोई लेना देना रहा है। सिन्हा जी प्रोफेसर थे, उनके पढ़ाने की शैली काफी प्रभवशाली थी, इस बारे में मैं जानता हूं। सामाजिक जीवन में उनका कोई योगदान रहा है, इस बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। उधर, जिन लोगों के बारे में कहा जा रहा है कि वो आज बीजेपी में शामिल हो गए, तो अब ऐसे लोगों के बारे में क्या ही कहें। कल ये लोग फिर से कांग्रेस में शामिल हो जाएंगे। इन लोगों का कोई राजनीतिक वजूद नहीं है।
साथ ही, उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उनके मुताबिक, भाजपा हमेशा से ही हॉर्स ट्रेडिंग से जुड़ा काम करती रही है। विपक्षी दलों को तोड़ना और उनके विधायी कार्यों में बाधा पहुंचान ही भाजपा का मूल काम रहा है। यह कोई नई बात नहीं है।
परिसीमन बिल पर सुप्रिया सुले की ओर से दिए बयान पर भी कांग्रेस नेता ने प्रतिक्रिया दी। उनके मुताबिक, पिछली बार एनसीपी ने विपक्ष का साथ दिया था। हालांकि मुझे उनके बयान के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं है।
उधर, उन्होंने मानसून सत्र में कांग्रेस की रणनीति पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से ही लोकहित से जुड़े मुद्दों को उठाती हुई आई है। मौजूदा समय में जिस तरह से राम मंदिर चढ़ावा चोरी का विवाद प्रकाश में आया है, नीट पेपर लीक का मामला सामने आया है। मेरा यही कहना है कि इन सभी समस्याओं पर विस्तार से बात होनी चाहिए और इसके समाधान की दिशा में इसके लिए मार्ग प्रशस्त करना चाहिए, ताकि आगे चलकर किसी को कोई दिक्कत नहीं हो।
कांग्रेस नेता ने कहा कि जहां तक चढ़ावा चोरी की बात है, तो यह आस्था से जुड़ा मुद्दा है। सभी लोग इससे दुखी हैं। लोग यही कह रहे हैं कि इससे अच्छा हम एक दो रुपए चंदा करके बीजेपी को दे देते।
वहीं, उत्तर प्रदेश विधानसभा के स्पीकर की ओर से राम मंदिर चंदा चोरी के संबंध में दिए बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उनके मुताबिक, यह बहुत ही बेतुका बयान है। यह दुर्भाग्य की बात है कि कोई स्पीकर के पद पर रहने वाला कोई व्यक्ति इस रह का बयान दे रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है।

