भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से अपने ही संघर्ष में उलझी हुई है। कर्नाटक में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री आपसी कुर्सी की लड़ाई में व्यस्त हैं, बिहार में कार्यकर्ता गांधी-वाड्रा परिवार के अभियान पर टिकट चोरी और मैनिपुलेशन के आरोप लगा रहे हैं, और जम्मू-कश्मीर में कोई प्रवक्ता बनने को तैयार नहीं है।
भंडारी ने कहा कि यह दिखाता है कि कांग्रेस के अपने ही कार्यकर्ता पार्टी की राजनीति पर सवाल उठा रहे हैं।
प्रदीप भंडारी ने कहा कि कर्नाटक से लेकर बिहार और जम्मू-कश्मीर तक कांग्रेस केवल स्वयं से ही संघर्ष कर रही है। कर्नाटक में कांग्रेस के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री एक-दूसरे के खिलाफ कुर्सी की लड़ाई में व्यस्त हैं। बिहार में कांग्रेस के अपने ही कार्यकर्ता गांधी-वाड्रा परिवार के अभियान पर टिकट चोरी और टिकट मैनिपुलेशन का आरोप लगा रहे हैं। वहीं, जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस पार्टी को कोई भी व्यक्ति प्रवक्ता बनने के लिए तैयार नहीं मिल रहा है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि ये सभी तथ्य दर्शाते हैं कि आज कांग्रेस मुक्त भारत बनाने के लिए कांग्रेस के अपने ही कार्यकर्ता सक्रिय हैं। कांग्रेस के कार्यकर्ता मानते हैं कि गांधी-वाड्रा परिवार के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी की राजनीतिक जमानत हमेशा जब्त होती रही है और आगे भी होती रहेगी। यह स्पष्ट प्रमाण है कि कांग्रेस केवल अपनी ही लड़ाई में व्यस्त है। कई लोग भ्रष्टाचार की लड़ाई में लगे हैं, कहीं प्रवक्ता ढूंढने की लड़ाई में हैं, और कई टिकट चोरी की लड़ाई में व्यस्त हैं।
उन्होंने कहा कि जनता कांग्रेस शासनकाल में, चाहे वह कर्नाटक हो या अन्य कोई राज्य, से त्रस्त रही है। आज कांग्रेस के अपने ही कार्यकर्ता गांधी-वाड्रा परिवार के खिलाफ खुलकर आवाज उठा रहे हैं। यह साबित करता है कि जैसा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि कांग्रेस मुक्त भारत की दिशा में आज कांग्रेस के अपने ही कार्यकर्ता सक्रिय हैं।
भंडारी ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ता कर्नाटक से लेकर जम्मू-कश्मीर और बिहार तक यह स्वीकार करते हैं कि जब तक वे गांधी-वाड्रा परिवार मुक्त कांग्रेस नहीं बनाएंगे, उनका राजनीतिक जीवन अधूरा रहेगा। यह भी प्रमाण है कि आज कांग्रेस पार्टी एक पॉलिटिकल फ्रेंचाइजी बन चुकी है, जिसमें कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का गांधी-वाड्रा परिवार के नेतृत्व पर कोई विश्वास नहीं है।

