June 12, 2026
National

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस का प्रदर्शन, जीतू पटवारी बोले- गिरफ्तारी देने को तैयार

Congress protests over the cancellation of Meenakshi Natarajan’s nomination; Jitu Patwari says he is ready to court arrest.

12 जून । मध्य प्रदेश से कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द किए जाने के विरोध में कांग्रेस ने शुक्रवार को दिल्ली में प्रदर्शन किया। इस दौरान मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि यदि उन्हें प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई तो वे गिरफ्तारी देने के लिए भी तैयार हैं।

प्रदर्शन के दौरान मीडिया से बातचीत में जीतू पटवारी ने कहा, “अगर चुनाव आयोग हमारी बात नहीं सुनता, राष्ट्रपति हमारी बात नहीं सुनते और हमें सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी जाती, तो हम गिरफ्तारी देने के लिए तैयार हैं।”

उन्होंने कहा, “देश की जनता को देखना चाहिए कि सरकार का रवैया कितना अलोकतांत्रिक हो गया है। क्या विरोध मार्च निकालना अपराध है? अगर सरकार हमें गिरफ्तार करना चाहती है तो हम जेल जाने के लिए भी तैयार हैं।”

प्रदर्शन से पहले कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा, “पहले वोट चोरी की चर्चा होती थी, लेकिन अब चुनाव होने से पहले ही सीट चोरी का खेल शुरू हो गया है।”

भाजपा के उस दावे पर कि उसे मीनाक्षी नटराजन के संबंध में जानकारी तेलंगाना कांग्रेस से मिली थी, जयवर्धन सिंह ने कहा, “भाजपा ने पहले वोट चोरी की और अब सीट चोरी की है। बचपन में हमें सिखाया गया था कि चोरों की बातों पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए।”

कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने को लोकतंत्र के लिए “काला दिन” बताया। उन्होंने कहा, “उनके खिलाफ कोई एफआईआर तक दर्ज नहीं थी। भाजपा 33 प्रतिशत महिला आरक्षण की बात करती है, लेकिन उसने अपने तीनों राज्यसभा उम्मीदवारों में एक भी महिला को मौका नहीं दिया। जब कांग्रेस ने एक महिला को अवसर दिया तो उसे रोकने के लिए पूरी ताकत लगा दी गई।”

कांग्रेस नेता कुणाल चौधरी ने भी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “देश में जिस तरह संविधान और लोकतंत्र की हत्या की जा रही है, वह चिंताजनक है। गांधीवादी विचारधारा रखने वाली एक महिला नेता को रोकने के लिए साजिश रची गई।”

उन्होंने कहा, “मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कभी कोई मामला या एफआईआर दर्ज नहीं हुई। इसके बावजूद केवल एक निजी नोटिस और निजी शिकायत के आधार पर उनका नामांकन रोक दिया गया। यह लोकतंत्र की हत्या से कम नहीं है।”

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