N1Live National गुरु नानक देव प्रकाश पर्व पर पाकिस्तान जाने वाले श्रद्धालुओं के वीजा पर बनी सहमति, एसजीपीसी ने जताया संतोष
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गुरु नानक देव प्रकाश पर्व पर पाकिस्तान जाने वाले श्रद्धालुओं के वीजा पर बनी सहमति, एसजीपीसी ने जताया संतोष

Consensus reached on visas for pilgrims visiting Pakistan for the Guru Nanak Dev Prakash Parv; SGPC expresses satisfaction.

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने बताया कि श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश गुरुपर्व के अवसर पर पाकिस्तान जाने वाले सिख श्रद्धालुओं के जत्थे के लिए वीजा प्रक्रिया को लेकर सकारात्मक प्रगति हुई है। इस संबंध में एसजीपीसी के प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तानी राजदूत के साथ महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें श्रद्धालुओं के वीजा आवेदन पर विस्तार से चर्चा की गई।

हरजिंदर सिंह धामी ने बताया कि शिरोमणि कमेटी हर वर्ष चार बार सिख श्रद्धालुओं के जत्थों को पाकिस्तान स्थित सिख धर्म के पवित्र स्थलों, जिनमें श्री ननकाना साहिब, श्री पंजा साहिब, श्री करतारपुर साहिब तथा लाहौर की चूना मंडी सहित अन्य ऐतिहासिक गुरुद्वारे शामिल हैं, के दर्शन के लिए भेजती है।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस के अवसर पर कार्यक्रमों की तारीखों में टकराव होने के कारण जत्था पाकिस्तान नहीं जा सका था। हालांकि, आगामी गुरु नानक देव जी के प्रकाश गुरुपर्व के लिए एसजीपीसी को करीब 7,500 पासपोर्ट प्राप्त हुए हैं, जिनके आधार पर श्रद्धालुओं की यात्रा की तैयारियां की जा रही हैं।

एसजीपीसी अध्यक्ष के अनुसार, पाकिस्तानी राजदूत ने बैठक के दौरान भरोसा दिलाया है कि शिरोमणि कमेटी की ओर से भेजे गए सभी वीजा आवेदनों को मंजूरी देने का प्रयास किया जाएगा। धामी ने इस सकारात्मक आश्वासन के लिए पाकिस्तानी राजदूत का आभार व्यक्त किया। बैठक के दौरान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने करतारपुर साहिब कॉरिडोर बंद रहने पर चिंता व्यक्त करते हुए भारत और पाकिस्तान की सरकारों से इसे जल्द पुनः खोलने की अपील की।

उन्होंने कहा कि हर सिख श्रद्धालु की यह गहरी इच्छा होती है कि वह उस पवित्र धरती के दर्शन कर सके, जहां प्रथम सिख गुरु श्री गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय बिताया और मानवता की सेवा का संदेश दिया। धामी ने कहा कि एसजीपीसी पहले भी पासपोर्ट की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग उठाती रही है, लेकिन वर्तमान में कॉरिडोर के बंद होने से सिख संगत में निराशा और रोष है।

उन्होंने आगे कहा कि शिरोमणि कमेटी इस मुद्दे को भारत सरकार के समक्ष भी उठाएगी, ताकि दोनों देशों के बीच आवश्यक संवाद स्थापित हो सके और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए करतारपुर साहिब कॉरिडोर को जल्द से जल्द फिर से खोला जा सके।

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