आईसीएआर-राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) के निदेशक डॉ. धीर सिंह ने सोमवार को जिले के सरपंचों के बीच विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी-आरएएम जी) के बारे में जागरूकता फैलाने की बात कही। यह नया कानून 2025 के अंत में एमजीएनआरईजीए की जगह लागू किया गया था। आईसीएआर-एनडीआरआई-केवीके मंगलवार को एनडीआरआई में सरपंच सम्मेलन का आयोजन करेगा, जिसमें सरपंच, बीडीपीओ और पंचायती राज विभाग के अन्य अधिकारी शामिल होंगे।
मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए धीर सिंह ने कहा कि यह सम्मेलन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशों के अनुपालन में आयोजित किया जा रहा है, ताकि जमीनी स्तर पर योजना का प्रभावी कार्यान्वयन हो सके। सिंह ने एमजीएनआरईजीए और नए कानून के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि नया कानून पहले के 100 दिनों के बजाय 125 दिनों की रोजगार सुरक्षा प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा, “एनडीआरआई के केवीके द्वारा पंचायती राज विभाग के सभी सरपंचों और अधिकारियों को इस सम्मेलन में आमंत्रित किया गया है ताकि वीबी-जी राम जी योजना के तहत रोजगार और आजीविका सृजन से संबंधित जानकारी का प्रभावी प्रसार सुनिश्चित किया जा सके।”

