28 अप्रैल । दिल्ली विधानसभा का पांचवां विशेष सत्र मंगलवार से शुरू हो गया है। विधानसभा की सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम किए गए हैं। सदन में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो रही है।
दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र में भाजपा विधायक हाथ पर काली पट्टी बांध कर पहुंचे हैं। पिछले दिनों लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल गिरने पर अपना विरोध जताया। सदन में नियम 280 के तहत विधायक हाथ पर काली पट्टी बांध कर ही अपने क्षेत्र की समस्याएं उठा रहे हैं। इसके बाद में विधानसभा के इस विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा होगी।
सदन में पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन पर शोक व्यक्त किया गया। साथ ही प्रथम विश्व युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों को विधायकों ने एक मिनट मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि 108 वर्ष पहले 28 अप्रैल 1918 को दिल्ली विधानसभा के इस ऐतिहासिक भवन के इसी चेंबर में एक ऐतिहासिक युद्ध सम्मेलन का आयोजन हुआ था। इसमें देश भर से 120 प्रतिनिधि शामिल हुए थे। इसमें रजवाड़ों व नेताओं के प्रतिनिधि शामिल थे।
महिला आरक्षण बिल पर दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र पर राज्य सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “आज दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र है। भारत की संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विपक्ष ने एकजुट होकर विरोध किया। वे महिलाएं जिनकी आवाज कोई सुनता नहीं था, उनकी आवाज देश की संसद तक पहुंचे, उसके लिए प्रधानमंत्री ने सालों तक मेहनत की। आज की करोड़ों महिलाओं के सपनों को सारे विपक्ष ने एकजुट होकर तोड़ दिया। आज सरकार की ओर से निंदा प्रस्ताव लाया जाएगा। देश और दिल्ली की महिलाओं को हमारी ओर से संदेश दिया जाएगा कि हमारी पार्टी हमारी सरकार महिलाओं के साथ खड़ी है।”
दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र पर दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा, “विशेष सत्र है। देश की संसद के पास ऐतिहासिक अवसर था, देश की महिलाओं के प्रति, नारी शक्ति के प्रति, कृतज्ञता व्यक्त करने का, सम्मान जताने का। उनके साथ जो विश्वासघात किया गया है, उसके प्रति मुख्यमंत्री स्वयं एक प्रस्ताव लेकर आ रही हैं। आज सदन में उस पर चर्चा होगी।”
कपिल मिश्रा ने कहा, “आज एक दिवसीय विशेष सत्र है, और मुख्यमंत्री एक प्रस्ताव पेश करने जा रही हैं। जिस तरह इस देश की संसद के सामने राष्ट्र की महिलाओं के प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक ऐतिहासिक अवसर था, और उस संबंध में जिस विश्वास को तोड़ा गया है, उस पर सदन में विस्तार से चर्चा की जाएगी।”
भाजपा विधायक अभय वर्मा ने कहा, “मुख्यमंत्री एक निंदा प्रस्ताव पेश करेंगी। मेरा मानना है कि दिल्ली की सभी महिलाएं बहुत निराश हैं। चूंकि मुख्यमंत्री के पास महिला एवं बाल कल्याण विभाग का प्रभार भी है, इसलिए सदन में महिलाओं की भावनाओं को उनके माध्यम से व्यक्त किया जाएगा।”
भाजपा विधायक हरीश खुराना ने कहा, “विपक्ष के लोगों ने महिलाओं का हक (महिला आरक्षण विधेयक) मारा है। प्रधानमंत्री मोदी की इच्छा थी कि 850 सीटें करने के बाद 2029 में महिलाओं को उनका हक दिया जाएगा, विपक्ष द्वारा उस हक को रोका गया है। दिल्ली और देश की जनता इसे बर्दाश्त नहीं कर रही है। इसी के लिए आज सेशन बुलाया गया है। निंदा प्रस्ताव पेश होगा और फिर पास होगा। भाजपा सभी महिलाओं को हक दिलाने का काम करेगी।”
दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, “कांग्रेस ने भारत की आधी आबादी का अधिकार छीना है। कांग्रेस पिछले कई सालों से कहती रही कि हम आरक्षण लाएंगे। आधी आबादी के साथ जो धोखा किया है तो उसके खिलाफ आज निंदा प्रस्ताव लाया जाएगा। महिला आरक्षण जरूरी है। आज हमारी बहनों और बेटियों को उनका अधिकार देना जरूरी है।”
वहीं, दिल्ली विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र से पहले, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में भाजपा विधायकों ने संसद में महिला आरक्षण विधेयक पारित न किए जाने को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।

