April 10, 2026
National

अंबेडकर की 136वीं जयंती मनाने के लिए पांच दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन करेगी दिल्ली सरकार

Delhi government to organise five-day programme to celebrate Ambedkar’s 136th birth anniversary

10 अप्रैल । दिल्ली के सामाजिक कल्याण एवं एससी/एसटी/ओबीसी कल्याण मंत्री रविंदर इंद्राज सिंह ने शुक्रवार से 14 अप्रैल तक कई कार्यक्रमों की घोषणा की है। ये कार्यक्रम भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की 136वीं जयंती के अवसर पर मनाए जाने वाले समारोहों के तहत आयोजित किए जाएंगे।

उन्होंने सभी नागरिकों को कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया और कहा कि इस वर्ष बाबा साहेब की जयंती दिल्ली में भव्य और उत्साहपूर्ण तरीके से मनाई जाएगी।

दिल्ली के सामाजिक कल्याण मंत्री रविंदर इंद्राज सिंह ने बताया कि इसका मुख्य आकर्षण ‘भीम ज्योति उत्सव’ होगा, जो इंडिया गेट के पास कस्तूरबा गांधी मार्ग क्षेत्र में आयोजित किया जाएगा। यहां बाबा साहेब से जुड़ी साहित्य सामग्री और उनके जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं को एक विशेष गैलरी के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में आने वालों को भीमराव आंबेडकर के जीवन, विचारों और संघर्षों को समझने का अवसर मिलेगा।

इसके साथ ही लोक-सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रस्तुतियां और विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिनके जरिए उनके विचारों को जनता तक पहुंचाया जाएगा।

मंत्री ने कहा कि यह मंच राष्ट्रीय एकता की भावना को दर्शाएगा। देशभर से साधु-संत, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और सामाजिक समरसता के लिए कार्य करने वाले लोग इस कार्यक्रम में भाग लेंगे।

उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का मूल संदेश ‘राष्ट्र प्रथम’ था और वे हमेशा राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देते थे।

उन्होंने बताया कि 10 अप्रैल से 14 अप्रैल तक आयोजित इस कार्यक्रम में जनता से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की।

उन्होंने बताया कि ‘भीम ज्योति उत्सव–2026 ‘ के तहत राजधानी के विभिन्न स्थानों पर बड़े पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

यह आयोजन केवल उत्सव नहीं बल्कि बाबा साहेब के विचारों, संविधान के मूल्यों और सामाजिक समरसता के संदेश को फैलाने का एक व्यापक अभियान होगा। इसमें पुष्पांजलि, जनभागीदारी गतिविधियां, “संविधान महोत्सव”, प्रदर्शनी, जागरूकता अभियान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, वॉकथॉन, संवाद सत्र, कार्यशालाएं, क्विज और कला प्रदर्शनियां शामिल होंगी, जिनका उद्देश्य युवाओं और छात्रों को संविधान, उनके अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में जागरूक करना है।

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