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दिल्ली नगर निगम मेयर चुनाव: आप ने फिर छोड़ा मैदान, भाजपा को दिया ‘एक और मौका’

Delhi Municipal Corporation Mayor Election: AAP leaves the field again, gives BJP 'another chance'

22 अप्रैल । दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर बड़ा रणनीतिक फैसला सामने आया है। आम आदमी पार्टी (आप) ने आगामी नगर निगम (एमसीडी) मेयर चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया है।

पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने बुधवार को निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि “आप” भाजपा को दिल्ली में बदलाव करने का एक और मौका दे रही है, ताकि जनता के सामने उनकी कार्यशैली पूरी तरह उजागर हो सके।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पार्टी ने पिछले साल भी यही रणनीति अपनाई थी, ताकि भाजपा अपने “चारों इंजन” का उपयोग कर सके और काम न करने के लिए कोई बहाना न बना सके। उन्होंने दावा किया कि बीते एक साल के अनुभव ने साबित कर दिया है कि सभी संसाधन और जिम्मेदारियां होने के बावजूद भाजपा दिल्ली में बदलाव लाने में असफल रही है। उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि “चार इंजन” होने के बावजूद राजधानी में समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।

भारद्वाज के मुताबिक, केंद्र सरकार, एलजी, मुख्यमंत्री, मेयर और स्थायी समिति जैसे अहम पदों पर भाजपा के नियंत्रण के बावजूद जनता को राहत नहीं मिल पाई है। उन्होंने कहा कि इससे यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा को शासन चलाना नहीं आता, जबकि विकास कार्य करने की क्षमता केवल आम आदमी पार्टी के पास है।

अरविंद केजरीवाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता अब उन्हें फिर से याद कर रही है। उनका दावा है कि शहर की बिगड़ती स्थिति के चलते लोगों का भरोसा फिर से “आप” पर बढ़ रहा है। आने वाले मानसून को लेकर भी भारद्वाज ने भाजपा को घेरा।

उन्होंने कहा कि पिछले साल की तरह इस बार भी अगर जलभराव की समस्या सामने आती है, तो भाजपा के पास कोई बहाना नहीं बचेगा। सड़कों, नालों और बाढ़ नियंत्रण से जुड़े विभागों का जिम्मा भाजपा के पास होने के बावजूद हालात में सुधार नहीं हुआ है। हालांकि, “आप” पूरी तरह चुनावी प्रक्रिया से बाहर नहीं है।

सौरभ भारद्वाज ने बताया कि स्टैंडिंग कमेटी के चुनाव में पार्टी ने शालीमार बाग से पार्षद जलज चौधरी को उम्मीदवार बनाया है। यह कदम संगठनात्मक उपस्थिति बनाए रखने और भाजपा की कार्यप्रणाली पर नजर रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।

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