February 6, 2026
National

दिल्ली: संगठित मोबाइल चोरी गिरोह का किया भंडाफोड़, चोरी के 46 मोबाइल बरामद

Delhi: Organized mobile theft gang busted, 46 stolen mobile phones recovered

6 फरवरी। साउथ-वेस्ट जिला पुलिस ने संगठित मोबाइल फोन चोरी के एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस थाना सरोजिनी नगर की टीम ने इस कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है। आरोपियों के कब्जे से 13 आईफोन समेत चोरी के 46 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए हैं।

दरअसल, 27 दिसंबर 2025 को सरोजिनी नगर मार्केट से मोबाइल चोरी की एक ई-एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले की जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया, जिसमें दो संदिग्ध शिकायतकर्ता के आसपास संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त दिखाई दिए। इसके बाद, 28 दिसंबर को मिली पुख्ता सूचना के आधार पर एसआई अनूप कुमार और एचसी राजेंद्र ने सरोजिनी नगर मार्केट के गेट नंबर-2 के पास से 15 वर्षीय नाबालिग को पकड़ा। पुलिस की पूछताछ में नाबालिग ने भीड़भाड़ वाले बाजारों में मोबाइल चोरी की कई घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और बताया कि चोरी किए गए मोबाइल वह अभिषेक कुमार उर्फ शुभम (27) को सौंप देता था।

इस खुलासे के बाद सरोजिनी नगर के एसएचओ अतुल त्यागी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। एसीपी/सफदरजंग एन्क्लेव की निगरानी में गाजीपुर, पूर्वी दिल्ली स्थित आरोपियों के किराए के मकान पर छापेमारी की गई। यहां से आरोपी अभिषेक कुमार उर्फ शुभम को गिरफ्तार किया गया। छापेमारी के दौरान चोरी के 34 मोबाइल फोन और मोबाइल के 23 कवर बरामद किए गए।

पुलिस ने तकनीकी निगरानी, आईएमईआई ट्रैकिंग और सीईआईआर पोर्टल का प्रभावी उपयोग करते हुए अलग-अलग स्थानों से 12 और चोरी के मोबाइल फोन ट्रेस कर बरामद किए। सभी कानूनी औपचारिकताओं, दस्तावेजी सत्यापन और स्वामित्व की पुष्टि के बाद कुल 46 मोबाइल फोन सरोजिनी नगर थाने में उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए।

पुलिस की पूछताछ में यह सामने आया कि आरोपी सर्दियों के मौसम में भीड़भाड़ वाले बाजारों को निशाना बनाते थे। चोरी के दौरान हाथों की गतिविधि छिपाने के लिए पॉलीथीन शीट का इस्तेमाल किया जाता था और जैकेट या कोट की जेब से मोबाइल बड़ी सफाई से निकाल लिया जाता था। चोरी के मोबाइल तुरंत मुख्य आरोपी को सौंप दिए जाते थे, जिन्हें पहचान से बचाने के लिए बिचौलियों के माध्यम से नेपाल और बांग्लादेश भेजने की तैयारी की जाती थी।

पुलिस की इस कार्रवाई से सरोजिनी नगर, हौज खास, राजेंद्र नगर, कृष्णा नगर, कोतवाली, पालम विलेज, जामिया नगर, तिमारपुर और स्वरूप नगर थानों में दर्ज कुल 10 ई-एफआईआर मामलों का खुलासा किया गया है। शेष 37 मोबाइल फोन विभिन्न लॉस्ट रिपोर्ट्स से जुड़े पाए गए।

दिल्ली पुलिस ने कहा कि यह सफल अभियान साउथ-वेस्ट जिला पुलिस की तकनीकी दक्षता, पेशेवर जांच और नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग का उदाहरण है। जिला पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि वह जनसुरक्षा सुनिश्चित करने और जनता का विश्वास मजबूत करने के लिए इसी तरह परिणामोन्मुखी कार्रवाई करती रहेगी।

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