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तमिलनाडु में डेंगू और स्वाइन फ्लू के मरीज बढ़े, डेंगू के 13,573 मामले सामने आए और नौ लोगों की मौत

Dengue and swine flu cases have risen in Tamil Nadu; 13,573 dengue cases have been reported, and nine people have died.

तमिलनाडु में पिछले साल की तुलना में डेंगू और स्वाइन फ्लू के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसे देखते हुए डॉक्टर अधिक सावधानी बरतने और बचाव के कड़े उपाय करने की सलाह दे रहे हैं। जन स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि 1 जनवरी से 30 अगस्त 2026 के बीच राज्य भर में डेंगू के 13,573 मामले सामने आए और नौ लोगों की मौत हुई।

हालांकि मौत की दर अभी भी काफी कम है, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स जुलाई और अगस्त के दौरान संक्रमण के मामलों में हुई उल्लेखनीय बढ़ोतरी को लेकर चिंतित हैं।जनवरी में डेंगू के 1,722, फरवरी में 1,322, मार्च में 1,228, अप्रैल में 1,201 और मई में 1,062 मामले सामने आए। जून में मामलों में फिर से बढ़ोतरी शुरू हुई, जब संक्रमण के 1,384 मामले दर्ज किए गए। इसके बाद जुलाई में 2,339 और अगस्त में 3,315 मामले सामने आए।

पिछले साल की तुलना में यह बढ़ोतरी काफी अहम है। पिछले साल जुलाई में डेंगू के 1,880 मामले थे जो इस साल जुलाई में बढ़कर 2,339 हो गए, जबकि अगस्त में संक्रमण के मामले 1,832 से बढ़कर 3,315 हो गए। चेन्नई में सबसे ज़्यादा मामले सामने आए हैं। जनवरी से अगस्त के बीच राज्य में कुल 13,573 संक्रमण के मामलों में से 2,584 मामले यहीं दर्ज किए गए। इसके बाद कोयंबटूर में 1,999 मामले सामने आए।

मामलों में इस बढ़ोतरी ने चिंता बढ़ा दी है क्योंकि चेन्नई सहित तमिलनाडु में मानसून का समय अभी आना बाकी है। पिछले साल तमिलनाडु में डेंगू के 25,533 मामले दर्ज किए गए थे। यह संख्या 2022 और 2024 के बीच देखे गए ज़्यादा मामलों की तुलना में काफी कम थी।

स्वाइन फ्लू के संक्रमण में भी बढ़ोतरी हुई है। तमिलनाडु में इस साल 1,500 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं और संक्रमण के मामलों के लिहाज से यह देश के राज्यों में दूसरे स्थान पर है।

हेल्थ डेटा से भी पता चलता है कि हाल के वर्षों की तुलना में खासकर जून, जुलाई और अगस्त के दौरान मामलों में काफी बढ़ोतरी हुई है। अगस्त में हुई बढ़ोतरी खास तौर पर ध्यान देने लायक है, पिछले साल इसी महीने में स्वाइन फ्लू के सिर्फ 46 मामले थे, जो इस साल बढ़कर 645 हो गए हैं।

सरकारी डॉक्टरों का कहना है कि चेन्नई में आबादी का अधिक घनत्व और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी सावधानियों का ठीक से पालन न करना संक्रमण फैलने की वजह बन रहा है।

उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू से पीड़ित लोगों को कम से कम पांच दिनों तक खुद को अलग-थलग (आइसोलेट) रखना चाहिए। डॉक्टरों ने बुखार या सांस लेने में तकलीफ वाले लोगों को भीड़-भाड़ वाली सार्वजनिक जगहों पर जाने से बचने, जरूरत पड़ने पर मास्क पहनने और समय पर डॉक्टर से सलाह लेने की भी सलाह दी।

डेंगू से बचाव के लिए अधिकारियों ने घरों और काम की जगहों के आस-पास जमा पानी और मच्छरों के पनपने की जगहों को खत्म करने पर जोर दिया है। डॉक्टरों का कहना है कि आने वाले बारिश के महीनों में संक्रमण को और बढ़ने से रोकने के लिए साफ-सफाई, मच्छरों पर नियंत्रण, लोगों में जागरूकता और समय पर इलाज बहुत जरूरी होगा।

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