January 8, 2026
National

महात्मा गांधी की भावना के अनुरूप है विकसित भारत जी राम जी योजना: संजय सरावगी

Developed India Ji Ram Ji Scheme is in line with the spirit of Mahatma Gandhi: Sanjay Sarawagi

बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने बुधवार को विकसित भारत गारंटी और आजीविका मिशन ग्रामीण यानी विकसित भारत-जी राम जी कानून को लेकर विपक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा कि विपक्ष सरकार के किसी भी अच्छे काम का विरोध करता है।

उन्होंने कहा कि इस कानून में पिछले रोजगार कानून की कमियों को दूर किया गया है। बिहार भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित एनडीए की संयुक्त प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा, “एनडीए की सोच है कि हर गरीब को रोजगार मिले और उसकी गरिमा का सम्मान हो। गरीब, जनजाति और पिछड़े वर्ग को रोजगार मिले, इसके लिए यह कानून लाया गया। ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय मिशन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार करना है। यह महात्मा गांधी की भावना के अनुरूप है और राम राज्य की स्थापना के लिए है।”

उन्होंने कहा कि एनडीए और पीएम नरेंद्र मोदी का संकल्प 2047 तक देश को विकसित बनाने का है। इसी के तहत गांव को भी विकसित करना जरूरी है। जब गांव विकसित होगा तभी देश और बिहार विकसित होंगे। उन्होंने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार की सरकार गांव को विकसित करने के उद्देश्य से गांव में आधारभूत संरचनाओं के अलावा गांव के विकास के लिए विस्तृत रूप से काम कर रही है।

उन्होंने विकसित भारत-जी रामजी कानून में लाभ का जिक्र करते हुए कहा कि पहले इसी तरह के कानून में 100 दिनों के रोजगार का प्रावधान था, जबकि इस कानून में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी है। इसके अलावा रोजगार नहीं मिलने पर अलग से भत्ता देने का भी प्रावधान है। मानदेय प्रत्येक सप्ताह भुगतान का प्रावधान है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस कानून में निश्चित रूप से गांव की चिंता की गई है। विस्तृत रूप से इस कानून को गांव के गरीबों, किसानों और गांव को विकसित करने के लिए लाया गया है, जबकि मनरेगा में भ्रष्टाचार की शिकायतें बड़ी संख्या में मिलती थीं। मनरेगा एक तरह से भ्रष्टाचार का अड्डा बना रहता था।

जदयू के प्रदेश अध्यक्ष सह विधायक उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि विपक्ष विकसित भारत-जी राम जी कानून को लेकर जो दुष्प्रचार कर रहा है, वह पूरी तरह भ्रामक है। उन्होंने कहा कि इस कानून से रोजगार बढ़ाया गया है। विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखकर मनरेगा कानून में बदलाव किया गया है।

उन्होंने कहा कि पहले जो प्रशासनिक व्यय छह प्रतिशत था, उसे बढ़ाकर इस कानून में नौ प्रतिशत कर दिया गया है। इससे कार्यान्वयन ढांचा और मजबूत होगा। इस प्रेस वार्ता को लोजपा (रामविलास) के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रधान महासचिव राजेश पांडेय और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के महामंत्री सुभाष चंद्रवंशी ने भी संबोधित किया।

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