महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) 2026 के दौरान बरमूडा के प्रीमियर, महामहिम ई. डेविड बर्ट से मुलाकात की। फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मुलाकात की तस्वीर पोस्ट की। यह मुलाकात कांग्रेस सेंटर में हुई, जहां दोनों नेताओं ने नीतिगत चर्चा से आगे बढ़कर समावेशी विकास, नवाचार और लोगों के बीच संबंधों पर साझा आकांक्षाओं पर बात की।
फडणवीस ने पोस्ट में लिखा, “डब्ल्यूईएफ में कांग्रेस सेंटर में बरमूडा के प्रीमियर, महामहिम ई. डेविड बर्ट से मिलकर बहुत खुशी हुई। हमारी बातचीत पॉलिसी से आगे बढ़ी, जिसमें समावेशी विकास, इनोवेशन और लोगों के बीच संबंधों के लिए साझा आकांक्षाएं झलकती थीं।” उन्होंने आगे लिखा, “उन ग्लोबल पार्टनर्स के साथ सहयोग करने के लिए महाराष्ट्र की तत्परता साझा की जो विश्वास, पारदर्शिता और लॉन्ग-टर्म वैल्यू क्रिएशन में विश्वास करते हैं। ऐसी मुलाकातें मजबूत अंतरराष्ट्रीय पार्टनरशिप बनाने में बातचीत की शक्ति की पुष्टि करती हैं।”
फडणवीस ने जोर दिया कि महाराष्ट्र ऐसे अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ सहयोग के लिए तैयार है जो विश्वास, पारदर्शिता और दीर्घकालिक मूल्य सृजन पर आधारित हों। यह मुलाकात डब्ल्यूईएफ 2026 के दौरान महाराष्ट्र की सक्रिय कूटनीति का हिस्सा है, जहां मुख्यमंत्री विभिन्न देशों के नेताओं से मिलकर राज्य की आर्थिक क्षमता और निवेश अवसरों को बढ़ावा दे रहे हैं।
डब्ल्यूईएफ 2026 में महाराष्ट्र की मजबूत उपस्थिति देखने को मिल रही है। पहले दिन ही राज्य ने 14.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश एमओयू साइन किए, जिनसे 15 लाख से ज्यादा रोजगार सृजन की उम्मीद है। फडणवीस ने विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा, डब्ल्यूईएफ के विभिन्न प्रमुखों और अन्य वैश्विक नेताओं से भी मुलाकातें कीं।
उन्होंने महाराष्ट्र को भारत का आर्थिक इंजन बताया, जहां एफडीआई का बड़ा हिस्सा आता है। राज्य में डेटा सेंटर, इलेक्ट्रिक वाहन, स्टील उत्पादन और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश आकर्षित हो रहे हैं।
बरमूडा के प्रीमियर ई. डेविड बर्ट के साथ चर्चा में फडणवीस ने लोगों-से-लोगों के संबंधों और नवाचार पर फोकस किया, जो दोनों पक्षों के लिए लाभदायक हो सकता है। बरमूडा एक छोटा लेकिन वित्तीय और बीमा क्षेत्र में मजबूत द्वीप राष्ट्र है, जबकि महाराष्ट्र भारत का औद्योगिक और वित्तीय केंद्र है। ऐसी द्विपक्षीय बातचीत वैश्विक स्तर पर महाराष्ट्र की छवि को मजबूत करती है।

