तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धरमानी ने शनिवार को बिलासपुर स्थित सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि तीव्र तकनीकी परिवर्तनों और नवाचारों के बीच ज्ञान और कौशल को निरंतर उन्नत करते हुए व्यावहारिकता को आत्मसात करना आवश्यक है। उन्होंने नल-जल योजना के तहत प्रशिक्षित ‘जल रक्षकों’ को प्रमाण पत्र प्रदान किए। उन्होंने आगे कहा कि व्यक्तिगत प्रगति से राज्य और राष्ट्र को प्रगति मिलती है और विकास को बढ़ावा देने के लिए सशक्त सामाजिक नेटवर्क का आह्वान किया।
धरमानी ने राज्य सरकार के 12 साल की संविदा सेवा वाले जल संरक्षकों की तैनाती के महत्वपूर्ण निर्णय पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस पहल से विभाग में नियमित रोजगार के साथ उनका भविष्य सुरक्षित होगा। उन्होंने आगे कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का बढ़ता प्रभाव तकनीकी पाठ्यक्रमों को नया रूप दे रहा है, इसलिए राज्य और राष्ट्र के विकास के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने हेतु आईटीआई और अन्य कार्यक्रमों में एआई-केंद्रित अद्यतन की आवश्यकता है।
प्रशिक्षकों को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि एक तकनीकी कार्यबल सामाजिक समस्याओं का समाधान कर सकता है, इसलिए जिज्ञासा बनाए रखें, एक पेशेवर दृष्टिकोण अपनाएं और व्यावहारिक कौशल और आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए उद्योग-संबंधित प्रशिक्षण के लिए निजी उद्यमों के साथ साझेदारी करें।
आईटीआई के प्रधानाचार्य ओमकार सिंह ने बताया कि नल-जल योजना के तहत 25 जल संरक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जबकि आईटीआई में विभिन्न पाठ्यक्रमों में 380 से अधिक छात्रों ने दाखिला लिया है। इस अवसर पर आईटीआई के छात्रों ने एक जीवंत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
कांग्रेस नेता विवेक कुमार, हिमुदा बोर्ड के सदस्य जितेंद्र चंदेल और जिला परिषद सदस्य गौरव शर्मा भी उपस्थित थे।


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