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‘द जर्नी ऑफ बांसुरी’ पर बोले ‘धुरंधर’ स्टार नवीन कुमार-यह किताब मेरे लिए बेहद खास

'Dhurandhar' star Naveen Kumar on 'The Journey of Bansuri': This book is very special to me

7 अप्रैल । आदित्य धर के निर्देशन में बनी फिल्म ‘धुरंधर 2’ के एक्टर्स हों या पर्दे के पीछे के कलाकार सभी की खूब तारीफ हो रही है। इस बीच फिल्म में बांसुरी की धुन देने वाले बांसुरी वादक नवीन कुमार ने अपनी किताब ‘द जर्नी ऑफ बांसुरी’ लॉन्च की। नवीन कुमार ने बताया कि यह किताब उनके लिए बेहद खास और दिल के करीब है।

बांसुरी वादक नवीन कुमार ने अपनी पहली पुस्तक “द जर्नी ऑफ बांसुरी” का लोकार्पण मुंबई के व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल में हाल ही में किया। पुस्तक विमोचन के मौके पर फिल्म मेकर सुभाष घई भी मौजूद रहे। उनके साथ कार्यक्रम में गायक सुखविंदर सिंह और संगीतकार शिवमणि भी मौजूद रहे।

नवीन कुमार ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर’ में बांसुरी बजा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह किताब उनके लिए बेहद खास है क्योंकि यह सिर्फ लिखी नहीं गई बल्कि उनकी पूरी संगीत यात्रा को पन्नों पर उतारती है। पुस्तक उनके सालों के अभ्यास, प्रयोग और बांसुरी के साथ गहरे जुड़ाव की झलक है। लोकार्पण समारोह में नवीन कुमार ने बांसुरी पर लाइव प्रस्तुति दी। उन्होंने फिल्म ‘हीरो’ के गाने ‘तू ही रे’ और ‘धुरंधर 2’ के एक खास अंश को बांसुरी पर बजाया।

साथ ही कार्यक्रम का आकर्षण शिवमणि और नवीन कुमार की जुगलबंदी भी रही। शिवमणि की ताल और नवीन कुमार की बांसुरी को वहां उपस्थित दर्शकों के साथ ही फिल्म जगत के सितारों ने भी शानदार बताया। इसके बाद सुखविंदर सिंह ने ‘कृष्णा’ गीत की धमाकेदार प्रस्तुति दी।

सुभाष घई ने नवीन कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि सच्ची कला जुनून और समर्पण से जन्म लेती है। उन्होंने पुस्तक को हर कलाकार के लिए प्रेरणा बताया।

नवीन कुमार ने अपने दिवंगत माता-पिता को अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि वह एक साधारण लेकिन सांस्कृतिक परिवार से आते हैं और अपने माता-पिता से मिली कला व संस्कारों को अपने साथ लेकर चल रहे हैं। उन्होंने अपनी पत्नी किरण और बच्चों राहेल नवीन व जीन नवीन का भी आभार जताया।

उन्होंने पुस्तक के प्रूफरीडिंग और संपादन में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली उषा श्रीनिवासन शाहणे को विशेष धन्यवाद दिया। साथ ही प्रकाशक आकाश भाबट का भी शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने इस पुस्तक को प्रकाशित करने में पूरा सहयोग दिया। नवीन कुमार ने कहा कि सुभाष घई ने बिना किसी पूर्व परिचय के हमेशा उनका मार्गदर्शन किया।

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