N1Live Entertainment देश में जल संकट पर मुखर हुईं दीया मिर्जा, बोलीं-पर्यावरणीय संतुलन के बिना विकास अधूरा
Entertainment

देश में जल संकट पर मुखर हुईं दीया मिर्जा, बोलीं-पर्यावरणीय संतुलन के बिना विकास अधूरा

Dia Mirza spoke out on the water crisis in the country, saying that development is incomplete without environmental balance.

21 फरवरी । अभिनेत्री दीया मिर्जा अभिनय के साथ-साथ पर्यावरण को लेकर काम करती हैं। उन्होंने विश्व सामाजिक न्याय दिवस के अवसर पर एक भावुक वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने देश में पानी की कमी और बिगड़ते हालातों पर गहरी चिंता जताई है।

दीया मिर्जा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर कहा, “हम एक ऐसे देश में रहते हैं, जहां करीब 6 करोड़ लोग पानी की गंभीर कमी से जूझ रहे हैं और लगभग तीन चौथाई जमीन धीरे-धीरे अपनी उपजाऊ शक्ति खो रही है। ऐसे में मुझे बार-बार सोचना पड़ता है कि सच्चा सामाजिक न्याय आखिर क्या होता है?”

उन्होंने कहा कि भारत ने कई मायनों में अच्छी प्रगति की है। चरम गरीबी कम हुई और शहर-गांव के बीच का अंतर घट रहा है। ये उपलब्धियां महत्वपूर्ण हैं और इन्हें सराहना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “अगर हमारे कुएं सूख जाएं तो ये आंकड़े कितने मायने रखते हैं?”

अभिनेत्री ने कहा कि इंसान की असली गरिमा सिर्फ पैसे या कमाई से नहीं मापी जाती, बल्कि जमीन की सेहत, नदियों के बहाव और प्रकृति के जीवन देने की क्षमता से भी तय की जाती है। उन्होंने कहा, “मैं भविष्य की बात नहीं कर रही हूं, बल्कि आज की चेतावनी दे रही हूं।”

उन्होंने लिखा, “इस दिवस का संदेश हमें सिर्फ नए वादे नहीं, बल्कि नया साहस भी मांगता है। गरीबी खत्म करने और सबको साथ ले चलने की बात के साथ-साथ यह समझना होगा कि पर्यावरण के बिना सामाजिक न्याय अधूरा है।”

दीया मिर्जा ने आगे लिखा कि साफ हवा, पीने लायक पानी और उपजाऊ जमीन कोई अमीरी की चीज नहीं, बल्कि हर इंसान का जन्म से मिला अधिकार है। भारत की विकास कहानी सिर्फ कागज पर मजबूत नहीं दिखनी चाहिए, बल्कि जमीन पर सुरक्षित, न्यायपूर्ण और जीवन देने वाली भी होनी चाहिए।

अभिनेत्री ने सभी से अपील करते हुए लिखा, “हमें ऐसा विकास चुनना होगा जो इंसान और प्रकृति दोनों की रक्षा करे, क्योंकि न्याय की शुरुआत प्रकृति के न्याय से ही होती है।”

Exit mobile version