पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल के बीच मंत्री दिलीप घोष ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नंदीग्राम से चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर प्रतिक्रिया दी है। न्यूटाउन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान घोष ने कहा कि चुनाव से पहले कई तरह के दावे और प्रचार होते हैं लेकिन वास्तविक स्थिति समय आने पर स्पष्ट होगी।
ममता बनर्जी के नंदीग्राम से आगामी विधानसभा उपचुनाव लड़ने पर विचार करने संबंधी सवाल के जवाब में पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने कहा, “जब चुनाव के नतीजे आते हैं, तो बहुत सारा प्रचार-प्रसार होता है। सच समय आने पर पता चल जाएगा। इसीलिए ज्यादा नहीं सोचना चाहिए, जनता हम लोगों के साथ है, इसीलिए हम ही जीत रहे हैं।
गौरतलब है कि नंदीग्राम पश्चिम बंगाल की राजनीति में बेहद महत्वपूर्ण विधानसभा सीट रही है। 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने यहां से चुनाव लड़ा था। ऐसे में यदि वह दोबारा इस सीट से मैदान में उतरती हैं, तो यह मुकाबला एक बार फिर राज्य की राजनीति का केंद्र बन सकता है।
सीसीईए द्वारा तीन मल्टी-ट्रैकिंग रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दिए जाने पर भी दिलीप घोष ने रेलवे के आधुनिकीकरण को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं पर बात की। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में नई रेलवे लाइनें और आधुनिक तकनीकें लाई जा रही हैं। भारत जैसे विशाल देश में बड़े रेलवे नेटवर्क को अपग्रेड करना और बदलते समय के अनुरूप यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देना बड़ी चुनौती है।
घोष ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यभार संभालने के बाद से वंदे भारत और अमृत भारत जैसी ट्रेनें शुरू की गई हैं। इसके साथ ही ट्रेनों की गति बढ़ाने, रेलवे लाइनों को अपग्रेड करने और यात्रियों की सुविधाओं में सुधार पर भी काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रेलवे नेटवर्क में बड़े पैमाने पर आधुनिकीकरण हो रहा है, जिसमें नई लाइनें, मल्टी-ट्रैकिंग, नई तकनीक, बेहतर सुविधाएं और तेज ट्रेनें शामिल हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि नई तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर लगाए जाने के कारण कुछ ट्रेनों के संचालन में देरी हो सकती है।
दिलीप घोष ने कहा कि इतनी बड़ी आबादी की जरूरतों को पूरा करते हुए देश के विशाल रेलवे नेटवर्क को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना आसान काम नहीं है। सरकार रेलवे के आधुनिकीकरण और लगातार नई तकनीक अपनाने को लेकर गंभीरता से काम कर रही है।

