गुवाहाटी यूनिवर्सिटी और थाईलैंड सरकार उच्च शिक्षा, रिसर्च, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, संस्कृति, ट्रेनिंग, इंटर्नशिप और एकेडमिक एक्सचेंज के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के मौकों पर विचार कर रहे हैं। यह बातचीत गुवाहाटी यूनिवर्सिटी के अधिकारियों और थाईलैंड के विदेश मंत्रालय के दक्षिण एशियाई, मध्य पूर्व और अफ्रीकी मामलों के विभाग की महानिदेशक उरासा मोंगकोलनाविन के नेतृत्व में आए एक वरिष्ठ थाई प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई।
इस प्रतिनिधिमंडल में थाईलैंड के विदेश मंत्रालय के अधिकारी और थाई यूनिवर्सिटीज के प्रतिनिधि शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए गुवाहाटी यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर प्रो. नानी गोपाल महंता ने थाईलैंड और पूर्वोत्तर के बीच लंबे समय से चले आ रहे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भाषाई संबंधों पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि ये ऐतिहासिक संबंध दोनों देशों के बीच आज के दौर की एकेडमिक और संस्थागत साझेदारी को बढ़ाने के लिए एक मजबूत आधार बन सकते हैं।
महंता ने खास तौर पर थाई भाषा और प्राचीन ताई-अहोम भाषा के बीच ऐतिहासिक और भाषाई संबंधों का जिक्र किया और इन संबंधों को बढ़ावा देने और उन्हें संरक्षित करने के लिए यूनिवर्सिटी की कोशिशों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने आसियान, बिम्सटेक, ईस्ट एशिया समिट, मेकांग-गंगा सहयोग और इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन (आईओआरए) जैसे क्षेत्रीय और बहुपक्षीय मंचों के जरिए भारत के साथ थाईलैंड के जुड़ाव पर भी जोर दिया।
थाई प्रतिनिधिमंडल ने थाईलैंड-भारत रणनीतिक साझेदारी के महत्व और शिक्षा, पर्यटन, संस्कृति, ट्रेनिंग, इंटर्नशिप और एकेडमिक एक्सचेंज के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
बातचीत में गुवाहाटी यूनिवर्सिटी समेत भारतीय संस्थानों के साथ मिलकर इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
अधिकारियों ने बताया कि सहयोग के संभावित क्षेत्रों में स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम, शिक्षकों और शोधकर्ताओं के बीच सहयोग, ट्रेनिंग और इंटर्नशिप के अवसर और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी व उच्च शिक्षा में संयुक्त कार्यक्रम शामिल हैं।
प्रतिभागियों ने छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं के लिए बेहतर अवसर पैदा करने के मकसद से भारत और थाईलैंड की यूनिवर्सिटीज के बीच लगातार संस्थागत संबंध स्थापित करने की जरूरत पर भी चर्चा की।
इस बातचीत में गुवाहाटी यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रो. उत्पल शर्मा, एकेडमिक रजिस्ट्रार प्रो. राजीव हंडिक, थाई यूनिवर्सिटीज के प्रतिनिधि, विभिन्न फैकल्टीज के डीन, यूनिवर्सिटी क्लासेस के सेक्रेटरी डॉ. रंजन कुमार काकती, विभागों के प्रमुख, फैकल्टी सदस्य, रिसर्च स्कॉलर और सेंटर फॉर साउथ ईस्ट एशियन स्टडीज के अधिकारी शामिल हुए।
यह बैठक दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को आगे बढ़ाते हुए गुवाहाटी यूनिवर्सिटी और थाई संस्थानों के बीच एकेडमिक और रिसर्च से जुड़े जुड़ाव को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है।

