जनपद गौतमबुद्धनगर से होकर गुजरने वाली गेल (इंडिया) लिमिटेड की उच्च दाब प्राकृतिक गैस पाइपलाइनों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों, कार्यदायी संस्थाओं और आमजन को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि गैस पाइपलाइन तथा उसके राइट ऑफ यूज़ क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण या खुदाई का कार्य बिना पूर्व अनुमति के न किया जाए।
पाइपलाइनों की सुरक्षा में लापरवाही से गंभीर हादसा होने के साथ-साथ महत्वपूर्ण ऊर्जा आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है। जिलाधिकारी ने बताया कि गेल की उच्च दाब प्राकृतिक गैस पाइपलाइनों के माध्यम से उत्तर भारत और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के विभिन्न महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति की जाती है। इनमें उर्वरक संयंत्र, पेट्रोकेमिकल उद्योग, गैस आधारित विद्युत संयंत्र तथा सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क प्रमुख रूप से शामिल हैं।
ऐसे में ये पाइपलाइनें केवल गैस आपूर्ति का माध्यम नहीं, बल्कि देश की महत्वपूर्ण ऊर्जा अवसंरचना (क्रिटिकल एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर) का हिस्सा हैं। प्रशासन के संज्ञान में हाल के दिनों में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें पाइपलाइन के ऊपर या उसके आसपास तीसरे पक्ष द्वारा बिना पूर्व अनुमति और गेल के साथ सुरक्षा समन्वय किए उत्खनन अथवा अन्य निर्माण कार्य किए गए। इस तरह के कार्यों से भूमिगत गैस पाइपलाइन को नुकसान पहुंचने और गैस रिसाव जैसी गंभीर स्थिति पैदा होने का खतरा बना रहता है।
किसी भी प्रकार की क्षति की स्थिति में जनहानि, संपत्ति के नुकसान और गैस आपूर्ति बाधित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग, नगर निकायों, विद्युत विभाग, जलापूर्ति एजेंसियों और अन्य संबंधित विभागों एवं कार्यदायी संस्थाओं को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी परियोजना के तहत सड़क निर्माण, नाली या सीवर कार्य, जलापूर्ति अथवा विद्युत लाइन बिछाने, पाइलिंग, बोरिंग, उत्खनन या अन्य निर्माण गतिविधि शुरू करने से पहले संबंधित एजेंसी गेल से अनिवार्य रूप से अनुमति प्राप्त करे।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि गैस पाइपलाइन के आरओयू क्षेत्र में कार्य करने से पहले स्थल का सत्यापन और सुरक्षा संबंधी आवश्यक समन्वय सुनिश्चित किया जाना चाहिए। बिना अनुमति के किसी भी प्रकार की खुदाई या निर्माण गतिविधि को गंभीरता से लिया जाएगा। संबंधित विभागों को भी निर्देश दिया गया है कि अपने स्तर से संचालित विकास कार्यों में पाइपलाइन की मौजूदगी का विशेष ध्यान रखें और कार्य शुरू करने से पहले गेल के अधिकारियों के साथ आवश्यक समन्वय स्थापित करें।
प्रशासन ने जनसामान्य से भी अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में उच्च दाब प्राकृतिक गैस पाइपलाइन गुजर रही है तो वहां स्वयं अथवा किसी निजी संस्था के माध्यम से बिना अनुमति के खुदाई, बोरिंग, पाइलिंग या निर्माण कार्य न कराया जाए। जिला प्रशासन का कहना है कि पाइपलाइनों की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है और निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करके ही संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जिले में चल रहे और प्रस्तावित निर्माण कार्यों के दौरान गैस पाइपलाइनों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। साथ ही, गेल और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि विकास कार्यों के कारण महत्वपूर्ण गैस आपूर्ति अवसंरचना को किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।

