June 12, 2026
National

डीके शिवकुमार ने जल शक्ति मंत्री से की मुलाकात, लंबित परियोजना को मंजूर करने की मांग की

DK Shivakumar met the Jal Shakti Minister and demanded approval for the pending project.

12 जून । कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से मुलाकात कर राज्य की सिंचाई और पेयजल आवश्यकताओं से जुड़े मेकेदातु परियोजना सहित कई लंबित जल संसाधन परियोजनाओं को जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि उनकी सरकार कृषि उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय में वृद्धि करने और सिंचाई सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के बाद कर्नाटक देश का दूसरा सबसे बड़ा शुष्क भूमि वाला राज्य है; ऐसे में जल संसाधन परियोजनाएं राज्य की कृषि व्यवस्था को बदलने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

उन्होंने केंद्र सरकार से मेकेदातु बैलेंसिंग रिजर्वायर परियोजना को शीघ्र मंजूरी देने की मांग की। शिवकुमार ने कहा कि इस परियोजना के खिलाफ तमिलनाडु की आपत्तियों और पुनर्विचार याचिका को सुप्रीम कोर्ट खारिज कर चुका है। अब इसकी अनुमति का निर्णय कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) और केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) को करना है।

मुख्यमंत्री ने कृष्णा जल विवाद न्यायाधिकरण-2 (केडब्ल्यूडीटी- 2) के फैसले को जल्द राजपत्र में प्रकाशित करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि फैसला आए एक दशक से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अधिसूचना में देरी के कारण अपर कृष्णा परियोजना (स्टेज- 3) और राज्य को आवंटित जल हिस्से के उपयोग में बाधा आ रही है।

उन्होंने अपर भद्रा परियोजना के लिए केंद्रीय बजट 2023-24 में घोषित 5,300 करोड़ रुपये की सहायता राशि जल्द जारी करने का भी अनुरोध किया। शिवकुमार ने कहा कि यह परियोजना मध्य कर्नाटक के सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लाखों किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने महादयी बेसिन की कलसा और बंडूरा नाला परियोजनाओं के लिए वन एवं वन्यजीव संबंधी मंजूरियां जल्द जारी करने की मांग भी की। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2022 में जल शक्ति मंत्रालय से स्वीकृति मिलने के बावजूद पर्यावरणीय मंजूरी अब तक लंबित है, जबकि इन परियोजनाओं से हुबली-धारवाड़ क्षेत्र की पेयजल जरूरतें पूरी होंगी।

इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई), बाढ़ प्रबंधन एवं सीमावर्ती क्षेत्र कार्यक्रम (एफएमबीएपी) के तहत भेजे गए प्रस्तावों को जल्द मंजूरी देने और राष्ट्रीय जल विकास एजेंसी की नदी जोड़ो परियोजनाओं में कर्नाटक को उसका उचित हिस्सा सुनिश्चित करने की मांग की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं को समय पर मंजूरी मिलने से राज्य के जल संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और किसानों के कल्याण को बढ़ावा मिलेगा।

इससे पहले मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में शिष्टाचार मुलाकात की। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, दोनों के बीच विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री बनने के बाद राष्ट्रपति से उनकी यह पहली मुलाकात थी। उन्होंने उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन से भी शिष्टाचार भेंट की और दिन में बाद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात करने का कार्यक्रम तय है।

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