कर्नाटक के वेंकटरमन को दिल्ली में तमिलनाडु सरकार का विशेष प्रतिनिधि नियुक्त किए जाने पर विपक्षी पार्टी डीएमके ने तीखी आलोचना की है। पार्टी के वरिष्ठ सांसद ए. राजा और तिरुचि शिवा ने इस फैसले और इसके राजनीतिक असर पर सवाल उठाए हैं।
तमिलनाडु सरकार ने एक आदेश जारी कर कर्नाटक के रहने वाले वेंकटरमन को राष्ट्रीय राजधानी में अपना विशेष प्रतिनिधि नियुक्त किया है। वेंकटरमन मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की फिल्म ‘जननायकन’ के प्रोड्यूसर भी हैं। सरकारी आदेश के अनुसार, वे पद संभालने की तारीख से एक साल तक इस पद पर रहेंगे।
हालांकि, इस नियुक्ति की कई राजनीतिक नेताओं ने आलोचना की है। डीएमके ने सरकार से इस नियुक्ति को लेकर जवाब मांगा है। डीएमके के राज्यसभा सांसद तिरुचि शिवा ने ‘एक्स’ पोस्ट में इस नियुक्ति को ‘हैरान करने वाला और चौंकाने वाला’ बताया और कहा कि वेंकटरमन कर्नाटक से हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या नए नियुक्त प्रतिनिधि खासकर कावेरी नदी पर कर्नाटक की ओर से प्रस्तावित विवादित मेकेदातु बांध परियोजना के मामले में तमिलनाडु के हितों की मजबूती से रक्षा कर पाएंगे। शिवा ने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने तमिलनाडु विधानसभा में साफ तौर पर कहा था कि उनकी सरकार मेकेदातु बांध को कभी मंजूरी नहीं देगी, क्योंकि इससे कावेरी डेल्टा क्षेत्र में सिंचाई और किसानों की आजीविका पर बुरा असर पड़ेगा।
उन्होंने आगे कहा, “सरकार को लोगों को स्पष्टीकरण और भरोसा देना चाहिए कि इस नियुक्ति के बावजूद तमिलनाडु के हितों की पूरी तरह से रक्षा की जाएगी।”
वहीं, डीएमके के वरिष्ठ नेता और सांसद ए. राजा ने भी सरकार पर कड़ा हमला बोला और आरोप लगाया कि सरकार पारदर्शिता और सुशासन के सिद्धांतों से भटक रही है। राजा ने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों को पदों से नवाजा जा रहा है, जबकि अनुभवी नीति-निर्माताओं और जन-प्रतिनिधियों को दरकिनार किया जा रहा है।
राजा ने सरकार की प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “‘बदलाव’ में शायद कोई सुखद खुशबू है। क्या हमसे उम्मीद की जाती है कि हम अपनी नाक बंद कर लें, या हमें उस बदबू को दूर करना चाहिए? लोकतंत्र जिंदाबाद।”

