जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के प्रीहासपोरा पट्टन स्थित एसएसएम कॉलेज में आयोजित एक विशेष सेमिनार में प्रसिद्ध उद्यमी, शिक्षाविद, समाजसेवी और विरासत संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय डॉ. रितु सिंह ने छात्रों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कौशल विकास, नवाचार और भविष्य की रोजगार संभावनाओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए।
डॉ. रितु सिंह ने कहा कि आज के समय में छात्रों को केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि कौशल, नवाचार, और आत्मविश्वास से भी सशक्त होना होगा, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों और रोजगार के अवसरों के लिए पूरी तरह तैयार रह सकें। एक अच्छा नेता लोगों के भीतर आत्मविश्वास जगाता है, और यही आत्मविश्वास सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।
अपने संबोधन के दौरान डॉ. रितु सिंह ने जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ अपने भावनात्मक जुड़ाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके पूर्वजों का इस देश से गहरा प्रेम और लगाव रहा है। जब भी वह देश के विभिन्न हिस्सों की यात्रा करती हैं, उन्हें अपनापन महसूस होता है।
उन्होंने हाल ही में हुए अपने शिकारा भ्रमण का अनुभव साझा करते हुए आईएएनएस से बताया कि एक हाउसबोट में रहने वाली महिला ने उनका बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया। उस महिला ने उन्हें गले लगाया, कई रोचक बातें और पुराने अनुभव साझा किए, जिससे उन्हें एक विशेष आत्मीयता और अपनापन महसूस हुआ।
डॉ. रितु सिंह जम्मू-कश्मीर के डोगरा शाही परिवार से जुड़ी हैं और महाराजा हरि सिंह की पौत्रवधू हैं। सामाजिक परिवर्तन और जनकल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के अनेक लोगों को प्रेरित किया है। सेमिनार के दौरान छात्रों ने डॉ. रितु सिंह के अनुभवों और विचारों को बेहद प्रेरणादायक बताया। उनका कहना था कि इस संवाद से उन्हें अपने भविष्य को लेकर नई दिशा और सकारात्मक सोच मिली है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के साथ कई प्रतिष्ठित शिक्षा विशेषज्ञ भी मौजूद रहे। सभी ने डॉ. रितु सिंह के विचारों को युवाओं के लिए उपयोगी और प्रेरणादायक बताया।

