हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री और जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला ने मंगलवार को आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया के पहले चरण में कुल वोटों का लगभग 13% यानी 34 लाख वोट रद्द कर दिए गए थे, और उन्होंने चुनाव आयोग पर भाजपा का पक्ष लेने का आरोप लगाया।
अपने जनसंपर्क अभियान के तहत बंसुधर, धोतर, सुल्तानपुरिया, धनुर, नाकाउदा, संत नगर, करीवाला और रानिया में जनसभाओं को संबोधित करते हुए चौटाला ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है और दावा किया कि चुनाव आयोग भाजपा की “कठपुतली” की तरह काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि दोनों चुनाव आयुक्तों की भूमिका ने चुनाव आयोग के कामकाज पर और भी सवाल खड़े कर दिए हैं। चौटाला ने कहा कि लोग सरकार की नीतियों के प्रति अपना विरोध तेजी से व्यक्त कर रहे हैं, जबकि युवाओं को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
नायब सैनी सरकार को निशाना बनाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायती राज व्यवस्था कमजोर हो गई है और गांवों में छोटे-मोटे विकास कार्य भी ठीक से नहीं किए जा रहे हैं। किसानों के मुद्दे पर चौटाला ने कहा कि उपमुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान फसल भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित करने की व्यवस्था की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को अब भुगतान प्राप्त करने में देरी का सामना करना पड़ रहा है।

