हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू ने सोमवार को हमीरपुर में हिमाचल प्रदेश महिला आयोग द्वारा आयोजित महिला जागरूकता शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी भी उपस्थित थीं।
उपस्थित लोगों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बिट्टू ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों और गरिमा की रक्षा के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता आवश्यक है। उन्होंने बेटियों के उत्तराधिकार अधिकार, पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण, एमएनआरईजीए और स्वयं सहायता समूह योजनाओं सहित सरकार की प्रमुख पहलों का उल्लेख किया, जिनका उद्देश्य वित्तीय स्वतंत्रता को बढ़ावा देना है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक कृषि उत्पादों और दूध की खरीद दरें बढ़ा दी हैं, जिससे ग्रामीण महिलाओं को सीधा लाभ मिला है। सरकार ने स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों के विपणन में भी सहयोग दिया है, जिससे 2 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री हुई है। उन्होंने महिला आयोग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता शिविर महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में शिक्षित करने और पीड़ितों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जमीनी स्तर पर कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका की भी प्रशंसा की।
इस अवसर पर बोलते हुए विद्या नेगी ने कहा कि आयोग के आसानी से सुलभ कार्यालय के कारण महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों से संबंधित शिकायतों में वृद्धि हुई है। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को, जो अग्रिम पंक्ति की कार्यकर्ता हैं, मामलों की सूचना सीधे आयोग को देने की सलाह दी। शिविर के दौरान हुई चर्चाओं में लैंगिक भेदभाव, महिलाओं के मुद्दे और महिला आयोग की उपलब्धियों पर बात हुई।
हिमाचल प्रदेश बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बीस मेधावी छात्राओं को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत सम्मानित किया गया। महिला आयोग की सदस्य सरोज शर्मा, रीना पंडिर और रीना दारोच के साथ-साथ पुलिस अधीक्षक बलबीर सिंह, सचिव बुशरा अंसारी सिंह, कानूनी अधिकारी यशपाल शर्मा, डीएसपी अनिल कुमार और सीडीपीओ कुलदीप सिंह चौहान भी उपस्थित थे


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