एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने बुधवार सुबह मोगा से AAP MLA और पार्टी की पंजाब महिला विंग की प्रेसिडेंट डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा के दो घरों पर रेड मारी। तलाशी सुबह करीब 6 बजे शुरू हुई, 2027 के विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले, जिसके लिए AAP ने उन्हें मोगा सीट से फिर से उम्मीदवार बना दिया है।
मिली जानकारी के मुताबिक, ED की टीमें, जो कथित तौर पर दिल्ली और चंडीगढ़ यूनिट से थीं, सुबह-सुबह दोनों जगहों पर पहुंच गईं। जब अधिकारी पहुंचे तो MLA एक घर पर मौजूद थे और उनसे पूछताछ की जा रही थी। AAP समर्थक बाहर जमा हो गए और सेंट्रल एजेंसी और BJP के खिलाफ नारे लगाने लगे, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने इलाकों को घेर लिया।
रिपोर्ट लिखे जाने तक दोनों जगहों पर तलाशी जारी थी। जिस केस में एजेंसी ने सर्च शुरू की थी, उस पर कोई ऑफिशियल बयान नहीं आया है। न तो ED और न ही MLA के परिवार ने अभी तक कोई स्टेटमेंट जारी किया है। MLA के करीबी लोगों ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई का मकसद उन पर BJP या SAD में शामिल होने का दबाव बनाना था, और इसकी तुलना जलालाबाद MLA रमिंदर सिंह आवला के मामले से की जा रही है।
MLA के करीबी जगदेव सिंह ने आरोप लगाया, “अकाली दल और BJP दोनों के पास, मिलकर या अलग-अलग, मोगा में उतारने के लिए कोई पोटेंशियल कैंडिडेट नहीं है।” लोकल AAP नेताओं ने भी इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया और आरोप लगाया कि इसका मकसद विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी पर दबाव बनाना था।
डॉ. अरोड़ा का कार्यकाल पहले भी जांच के दायरे में आया था, जब उनके एक पुराने सहयोगी ने उन पर फाइनेंशियल गड़बड़ियों के आरोप लगाए थे। उन्होंने इन आरोपों को नाराज़ लोगों और राजनीतिक विरोधियों की उनकी इमेज खराब करने की साज़िश बताया था।
हालांकि, ED की तरफ से इस बात का कोई संकेत नहीं मिला कि बुधवार की तलाशी उन आरोपों से जुड़ी थी या नहीं।

